25 जनवरी को मां को फोन कर कहा- मैं आज घर आ रहा हूं, 20 मिनट बाद मां ने फोन किया तो मिली आत्महत्या की सूचना
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद। गांव हिमायूं खेड़ा के 19 वर्षीय सरताज सिंह ने राजस्थान के कोटा में रविवार को ट्रेन के आगे छलांग लगाकर जान दे दी। सरताज पिछले दो साल से कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही परिजन कोटा पहुंचे। मंगलवार को गांव में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
परिजनों के अनुसार, 25 जनवरी की शाम करीब 7:30 बजे सरताज ने अपनी मां को फोन कर कहा कि वह आज घर आ रहा है, लेकिन इसके महज 20 मिनट बाद ही कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई रेल लाइन पर ट्रेन के आगे कूदकर उसने सुसाइड कर ली।
परिजनों ने जब दोबारा फोन किया तो पहली बार कोई जवाब नहीं मिला। कुछ देर बाद फिर कॉल करने पर फोन पुलिसकर्मी ने उठाया और घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत हिमायूं खेड़ा से कोटा के लिए रवाना हो गए।
परीक्षा की तैयारी पूरी हो चुकी थी
सरताज के चाचा लखबीर सिंह ने बताया कि सरताज ने 10वीं तक की पढ़ाई ऐलनाबाद से पूरी की। उसके बाद पिछले दो साल से वह कोटा के राजीव गांधी नगर स्थित एक हॉस्टल में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। उसने जेईई का पूरा सिलेबस कवर कर लिया था, उसकी अप्रैल 2026 में होने वाली मुख्य परीक्षा की तैयारी पूरी हो चुकी थी। लखबीर सिंह के मुताबिक, सरताज अब 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुट गया था। 25 जनवरी को ही कोचिंग पूरी होने के बाद उसे घर लौटना था। करीब दो माह पहले वह छह दिन के लिए घर आया था। फिर कोटा लौट गया था।
गहरे सदमे में है परिवार
सरताज अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पिता कुलदीप सिंह गांव में खेती-बाड़ी करते हैं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि सरताज पढ़ाई में बेहद मेहनती और होनहार छात्र था। उसकी अचानक मौत से पूरा परिवार और गांव गहरे सदमे में है।