सिरसा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में परिवर्तित तो कर दिया लेकिन बिना सुविधाओं के काम किया जा रहा है। कंडम इमारत में नौनिहालों की जिंदगी का ककहरा चल है। ना तो विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त फर्नीचर है और ना ही शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाएं। विभागीय अधिकारियों को ग्राउंड की सच्चाई की जानकारी ही नहीं है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों को प्री शिक्षा देने के लिए जिला में प्री स्कूल खोले जा रहे है। जिसकी तैयारी विभाग द्वारा कर ली गई है। विभाग द्वारा दावा किया जा रहा है कि प्ले स्कूल की तर्ज पर चलाई जाने वाली आंगनबाड़ियों में बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएं मुहैया करवा दी गई । जिसे स्मार्ट कक्षाओं का रूप दिया गया है। लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही देखने को मिल रही है। स्मार्ट कही जाने वाले प्ले स्कूल में बच्चों के लिए खिलौने, किताबें, झूले, ड्राइंग चार्ट व अन्य चीजें तो दूर की बात बैठने के लिए जगह तक मुहैया नहीं करवाई जा रही है। शहर के अनाज मंडी रोड स्थित खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में स्थापित आंगनबाड़ी केंद्र की इमारत को कंडम घोषित किया गया है। उसी के आसपास बच्चों की कक्षाएं लगाई जा रही है। जिससे बच्चों के जीवन के साथ विभाग द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है।
कंडम इमारत में बच्चों को अ- अनार पढ़ा रही कार्यकर्ता
कंडम इमारत के नीचे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को अ से अनार पढ़ा रही है। वहीं आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए पांच- छह कुर्सियों के अलावा कुछ और उपलब्ध नहीं है। इमारत के आसपास ही में कार्यकर्ता बच्चों को कुर्सियों पर बैठाकर सिर्फ बोलकर ही एक्टविटी करवा रही है। कुर्सियों के अलावा प्ले स्कूल में कुछ और उपलब्ध नहीं है।
कंडम केंद्र के लिए कार्यकर्ता दे चुकी है पत्र
जब आंगनबाड़ी में लग रही कक्षाओं के दौरान कार्यकर्ता लक्ष्मी से बात की गई तो उसने कहा कि उसने बहुत बार विभाग को कंडम इमारत के बारे में अवगत करवाया है। बहुत बार कोई अन्य इमारत देने के लिए भी पत्र लिख चुकी है। लेकिन विभाग द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। कंडम इमारत का निरीक्षण करने के लिए अधिकारी भी आ चुके है। लेकिन समाधान नहीं हुआ है। कार्यकर्ता ने कहा कि उसके पास बच्चों को यहीं पढ़ाने के सिवा कोई विकल्प नहीं है।
आंगनबाड़ी में शौचालय का अभाव
कंडम घोषित की गई इमारत में बच्चों के लिए शौचालय तक की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। शौचालय के अभाव में बच्चे पास में पड़ी खाली जगह में शौच करने को जाते है। जिसके चलते हेल्पर या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को स्वयं उनके साथ जाना पड़ता है। ताकि बच्चे इधर-उधर न चले जाए।
जगह मुहैया नहीं करवाई जा रही
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का कहना है कि कंडम घोषित इमारत को हिसार से भी टीम देखने आ चुकी है। लेकिन विभाग द्वारा आंगनबाड़ी चलाने के लिए अन्य जगह मुहैया नहीं करवाई जा रही है। जिसके कारण कंडम घोषित इमारत में ही केंद्र चलाना पड़ रहा है।
इस तरह का कोई मामला संज्ञान में नहीं है कि कंडम इमारत में कोई आंगनबाड़ी चलाई जा रही है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच करवाई जाएगी।
-डॉ. दर्शना सिंह, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास सिरसा।