हरियाणा के सिरसा में एक युवक की बर्बरता से पीटकर हत्या कर दी। आरोपियों ने युवक को चारपाई से बांधकर लाठी-डंडों से तब तक पीटा जब तक जान नहीं निकल गई। वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
हरियाणा के सिरसा से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। सिरसा के गांव रुपावास में पड़ोसियों ने गांव के ही एक युवक का अपहरण कर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। गांव की एक युवती को भगाकर ले जाने की रंजिश में यह वारदात शुक्रवार देर रात हुई।
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पुलिस ने मृतक सांवरा के पिता के बयान पर आठ लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया है। इनमें युवती के पिता व अन्य रिश्तेदार हैं। आरोप है कि आरोपियों ने युवक को चारपाई से बांधकर लाठी-डंडों से तब तक पीटा, जब तक उसकी जान नहीं निकल गई।
इस बीच युवक के पिता और भाभी ने भागकर जान बचाई। पुलिस के अनुसार, मृतक का चचेरा भाई 25 वर्षीय ईश्वर गांव की एक लड़की को भगाकर ले गया था। स्वजनों को शक था कि उनकी लड़की को भगाने में सांवरा का हाथ है।
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इसी बात को लेकर दोनों परिवारों में रंजिश थी। इस मामले को लेकर गांव में पंचायत हुई। पंचायत के आदेश पर सांवरा और ईश्वर के परिवार ने 25 अप्रैल को गांव छोड़ दिया।
सांवरा का परिवार रिश्तेदारों के पास जाकर रहने लगा तो ईश्वर किसी दूसरे गांव में युवती के साथ सहमति संबंध में रहने लगा। 35 दिन बाद सांवरा जब अपने पिता व भाभी के साथ गांव लौटा तो उसकी हत्या कर दी गई।
नाथू थाना के प्रभारी राजकुमार ने बताया कि लड़की के पिता रोहताश और दूसरे रिश्तेदार तुलसी, निखिल, मुकेश, जगदीश, सेठी, बाला और राजू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपी अभी फरार हैं।
पिता बोले-पंचायत के बाद सरपंच के कहने पर लौटे थे गांव
सांवरा के पिता रामेश्वर ने बताया कि शुक्रवार को जमाल चौकी में पंचायत हुई। पंचायत में सरपंच उदयपाल ने उन्हें कहा कि अब डरने की कोई बात नहीं है। आप लोग वापस अपने घर में जा सकते हैं। इसके बाद शाम करीब साढ़े सात बजे वे गांव पहुंचे तो युवती के पिता रोहताश व उसके रिश्तेदारों ने उनका रास्ता रोक लिया।
वे सांवरा से मारपीट करने लगे और उसे जबरन उठाकर अपने घर ले गए। वहां उन्होंने सांवरा को चारपाई पर रस्सी से बांध दिया और लाठी व डंडों से पीटा। उसने व उसकी बड़ी बहू ममता ने छुड़ाने की कोशिश की तो उक्त लोगों ने उन्हें भी डंडों से पीटा। उक्त लोग सांवरा को तब तक पीटते रहे जब तक वह मर नहीं गया। इसके बाद रोहताश व उसके रिश्तेदार भाग गए।
सांवरा भी भगा ले गया था लड़की
ग्रामीणों ने बताया कि चचेरे भाई ईश्वर के लड़की भगाने के एक महीने पहले सांवरा भी एक लड़की को भगाकर ले गया था। 15 दिनों के बाद लड़की अपने घर लौट आई और इसके बाद सांवरा भी गांव लौट आया। इस मामले में समझौता हो गया था। इसके बाद सांवरा का चचेरा भाई एक दूसरी लड़की को लेकर भाग गया। इसी विवाद में दोनों परिवारों को गांव छोड़ने की नौबत आ गई थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई हैं। जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शाम को परिजनों ने युवक का अंतिम संस्कार कर दिया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।- संजीव कुमार, डीएसपी, ऐलनाबाद