सीडीएलयू के योग प्रशिक्षण शिविर में योग करतीं छात्राएं।
सिरसा। चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयुष विभाग और हरियाणा योग आयोग के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विजय कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने की एक प्राचीन भारतीय परंपरा है।
उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से जीवन में योग को शामिल करने का आह्वान किया ताकि वे मानसिक शांति और अच्छे स्वास्थ्य का लाभ उठा सकें। विश्वविद्यालय के बहुउद्देशीय हॉल में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर विजय कुमार ने दीप प्रज्ज्वलन और वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।
कुलसचिव प्रोफेसर अशोक कुमार ने भी योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर राज कुमार ने युवाओं के जीवन में योग की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुभाष ने छात्रों को शारीरिक और मानसिक सशक्तिकरण के लिए योग की अहमियत समझाई।
कार्यक्रम का संचालन निष्ठा पाठक और पूजा ढिल्लों ने किया। इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राज कुमार और आयुष योग प्रशिक्षक डॉ. सुरेंद्र नागर का भी विशेष योगदान रहा। समापन शांति पाठ के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्रों ने भाग लिया।