सिरसा। खरीफ फसल का सीजन शुरू हो गया। किसान मंडी में अपने फसल लेकर पहुंचते लगे हैं, लेकिन मजदूरों की हड़ताल के कारण यहां खरीदारी करने के लिए न तो व्यापारी देखने को मिल रहे है और न ही फसल तौलने के लिए कोई मजदूर दिख रहा है। जिसके चलते कई किसान मंडी में ही ट्रैक्टर ट्रॉली छोड़कर घर लौट रहे हैं। वहीं कई किसान किराये के वाहन में उपज लाए थे, वे उसे घर वापस लेकर जा रहे हैं। ऐसे में सीजन शुरू होने से पहले ही किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
वहीं मंडी में अभी भी विशेष तैयारी देखने को नहीं मिल रही। यहां पर कई स्थानों पर बेसहारा पशु घूमते हुए नजर आ रहे हैं, तो कई स्थानों पर जलभराव दिखाई दे रहा है। जिसका किसानों को ही नुकसान उठाना पड़ सकता है। बता दें कि एक अक्तूबर से मंडी में धान, बाजरा और अन्य फसलों की खरीद शुरू होनी है, लेकिन अभी प्रशासन की ओर से न तो मंडी में पूरी तरह से तैयारी की गई है और न ही यहां पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को यहां से हटवाया गया है। जिसके कारण किसानों को इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मंडी में सभी गेटों की स्थिति लंबे समय से खराब है। जिसके कारण यहां पर बेसहारा पशुओं का आना जाना लगा रहता है। वहीं कई स्थानों पर गोबर, कूड़ा और जलभराव की स्थिति भी देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी तरफ अनाज मंडी में मार्केट कमेटी के सामने ही मजदूर आवाजाही बंद कर धरना देकर बैठे है। अगर उनकी मांगों के संबंध में प्रशासन की ओर से कोई हल नहीं निकल पाया तो किसानों को इसी तरह ही परेशान होकर लौटना पड़ेगा।
मंडी के हालात पर एक नजर
अनाज मंडी में सबसे महत्वपूर्ण होता है मार्केट कमेटी कार्यालय, लेकिन यहां गेट के बाहर मजदूरों ने धरना दे रखा है। अंदर विभाग के कर्मचारी व अधिकारी अपने-अपने कार्य में व्यस्त हैं। रजिस्ट्रेशन काउंटर में बैठे कर्मचारी राहत में है क्योंकि खिड़की सुनसान है, बाहर कोई टोकन लेने वाला भी नहीं है। क्योंकि मजदूरों की हड़ताल के कारण खरीद प्रक्रिया बंद है।
इक्का दुक्का किसान ही मंडी में फसल लेकर पहुंच रहा है। लेकिन यहां पर खरीद व तौल कार्य नहीं हो पा रहा। जिससे परेशान होकर कई किसान तो आढ़ती के दुकान के बाहर ही ट्रॉली खड़ी कर वापस लौट गए तो कई किसान ट्रैक्टर ट्रॉली ही मंडी के शेड की नीचे छोड़कर घर लौट गए। मंडी मे बेसहारा पशु और अनाउसमेंट करने के लिए ई रिक्शा घूम रहे हैं। जो मजदूरों को घरना स्थल पर पहुंचने के लिए सूचना दे रहे हैं।
नेजिया खेड़ा गांव का किसान राममूर्ति एडिशन मंडी में ग्वार लेकर पहुंचा लेकिन वहां पर खरीद न होने की वजह से वापस लौट गया। राममूर्ति का कहना था कि खेत में नरमा की चुगाई के लिए मजदूर लगाए हुए है समय निकालकर फसल लेकर आया था। मेरा तो समय व किराया दोनों की बर्बाद हो गए।
कपास मंडी में वाटर कूलर व सड़कों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। जब मजदूरों से बात की गई तो जवाब दिया गया कि मंडी में मरम्मत कार्य चल रहा है जिससे लेकर एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस दौरान पेयजल व सड़कों पर बने गड्ढों को भरना है इसके अलावा सड़कों व फर्श की सफाई व्यवस्था की जानी है।
डाबा गांव से आए दो किसान जसविंद्र व कर्मजीत नरमा की ट्रॉली को वापस ले जा रहे थे। जब उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा की कभी आढ़ती तो कभी मजदूर हड़ताल पर चले जाते हैं। छह माह में कड़ी मेहनत से फसल तैयार करते हैं इस दौरान कभी रब मार देंदा है तो कदे इन्हां दा स्यापा हुंदा है ।
शुक्रवार को नरमा व कपास की खरीद की गई इस दौरान कुल 66 क्विंटल नरमा व कपास की खरीद हुई और 1 टोकन काटा गया। हालांकि हड़ताल के चलते किसान मंडी में नहीं आ रहे है। मंडी में सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत की जा रही है। कई स्थानों पर अन्य कार्य भी तेज गति से चल रहे हैं।
-बलराज बाना, सह सचिव सिरसा, मार्केट कमेटी सिरसा।
मंडी में चल रहा सड़कों का मरम्मत कार्य।- फोटो : Sirsa
अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे मजदूर।- फोटो : Sirsa