सिरसा। अनाज मंडी में कॉटन मिल संचालकों ओर मजदूरों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। दशहरे के दिन मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर मजदूर यूनियन के बैनर तले धरने पर बैठे रहे। इस दौरान मंडी में धान की खरीद नहीं हुई। वहीं, नरमे की तुलाई का काम भी बंद रहा। नरमा लेकर आए किसानों की ट्राॅलियों को मंडी से बाहर ही बोली करवाकर सीधे मिल में भेज दिया गया।
कपास मंडी के मुख्य गेट को ताला लगाकर मजदूरों ने बंद कर दिया है। ऐसे में विवाद के समाधान की दिशा में भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख भी मजदूरों के बीच पहुंचे। मजूदरों ने उन्हें मौजूदा स्थिति से अवगत करवाया। किसान नेता ने कहा कि मंडी बंद होने का नुकसान सबसे ज्यादा किसान का हो रहा है। किसान मंडी में धान लेकर आए हैं, लेकिन झार तक नहीं लगाई गई है।
कुछ मजदूरों ने धान उतरवा जरूर दिया है, लेकिन आगामी प्रक्रिया नहीं की। इस पर मजदूर यूनियन के नेताओं ने कहा कि 15 दिन पहले से अल्टीमेटम प्रशासन को दे दिया था। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जब तक समाधान नहीं होता है, धरना जारी रहेगा। यदि मजदूरों को धरना जारी रहता है तो किसानों को मंडी में धान, कपास, ग्वार और बाजरा लेकर आने पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
आढ़तियों ने बुलाई बैठक, विचार विमर्श किया
मजदूरों की हड़ताल के मुद्दे पर काम प्रभावित होने पर आढ़ती एसोसिएशन की ओर से मंडी के आढ़तियों की बैठक दोपहर में बुलाई गई। जनता भवन स्थित एसोसिएशन कार्यालय में आढ़तियों ने काटन मिल संचालकों से भी मजदूरों की समस्याओं पर बातचीत की। इस मामले में अब शुक्रवार को आढ़ती एसोसिएशन, मिल मालिक व मार्केट कमेटी प्रशासन बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करेगा। जिससे कि मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों को परेशानी न उठानी पड़े।
पहले दी थी सूचना, किसानों को व्यापारियों ने नहीं बताया
अनाज मंडी मजदूर वेलफेयर यूनियन के प्रधान सोमवीर फ्रंड ने बताया कि उन्होंने शनिवार को मार्केट कमेटी सचिव को ज्ञापन देकर पूर्व में ही हड़ताल से अवगत करवा दिया था। इसके बावजूद आढ़तियों की ओर से किसानों को इसके संबंध में सूचित नहीं किया गया। उन्होंने बैठक में मिलर्स की ओर से नरमा-कपास की खरीद मंडी के बाहर ही करने के आरोप भी लगाए।
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बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं। किसानों को परेशानी न हो, इसके लिए मिल मालिकों, आढ़तियों व मजदूर यूनियन की बैठक करवाएंगे, ताकि मंडी नियमित रूप से चले। किसान की फसल हर हालत में बिके इसका हम प्रयास करेंगे।
- वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी।
सिरसा। कपास मंडी के गेट को किया गया बंद। संवाद