गांव बिज्जूवाली में गोशाला के मुख्य द्वार के समक्ष शराब का ठेका खोले जाने को लेकर ग्रामीणों की ओर से किया गया संघर्ष रंग लाया। सोमवार को ठेकेदार ने बैठक में ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वह उक्त जगह पर ठेका नहीं खोलेगा। काफी समय तक चली बातचीत के बाद इस बात पर सहमति बनी की ठेका गोशाला की चारदीवारी से एक एकड़ दूर खोला जाएगा।
गौरतलब हो कि चार दिन पूर्व ग्रामीणों ने गोशाला के मुख्यद्वार के समक्ष ठेका खोले जाने के विरोध में रोष प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की थी। उधर आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को इस समस्या का कोई न कोई हल निकालने का आश्वासन दिया था। सोमवार को इस मामले को लेकर ठेेकेदार ने गोशाला के पदाधिकारियों, पंचायत और गांव के मौजिज व्यक्तियों के साथ बैठक की। बैठक में लोगों ने ठेकेदार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि उक्त जगह पर शराब ठेका किसी भी शर्त पर नहीं खुलने दिया जाएगा क्योंकि गोशाला में गोभक्त महिला-पुरुषों का आना-जाना रहता है, दूसरा मंदिर और स्कूल भी निकट होने के कारण वहां अक्सर श्रद्धालुओं व स्कूली बच्चों का आना-जाना रहता है। इसलिए उक्त जगह पर ठेका खुलता है तो इसका सभी पर विपरीत असर पड़ेगा।
ठेकेदार ने लोगों के रोष को देखते हुए जगह का तबदील करना ही उचित समझा। बैठक में इस बात पर सहमति हुई की ठेकेदार गोशाला की चारदीवारी से एक एकड़ दूर ठेका खोलेगा। गोशाला कमेटी के सदस्य सुरेंद्र सुथार ने बताया की इस मसले को लेकर गोशाला में पंचायत और गांव के मौजिज व्यक्तियों को बुलाया गया था। जहां लोगों ने गोशाला के मुख्य द्वार के समक्ष खुलने वाले शराब ठेके का विरोध किया। उन्होंने बताया की बैठक में गोशाला के मुख्य द्वार व चारदीवारी से एक एकड़ दूर जगह पर ठेका खोलने की सहमति दी गई है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच राजा राम बिरट, बनवारी लाल, मुन्नावाली के सरपंच बलविंद्र सिंह, गुलशन सुखीजा, ठाकर राम, सुरेंद्र सुथार, नंद किशोर, देवीलाल व राजकुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।