सिरसा। नागरिक अस्पताल सिरसा में हड्डी संबंधी ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए आर्थो इंप्लांट्स और इंस्ट्रूमेंट्स की खरीद का टेंडर जारी किया है।
टेंडर में सप्लायर के लिए सिरसा शहर में उपभंडार स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य ऑपरेशन के दौरान जरूरी इंप्लांट और उपकरण समय पर उपलब्ध करवाना है।
सिविल सर्जन सिरसा कार्यालय की ओर से जारी टेंडर में सप्लायर की जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं। उसे स्थानीय स्तर पर प्रत्येक वस्तु का न्यूनतम निर्धारित भंडार रखना होगा। ऑपरेशन के समय मरीज की जरूरत के अनुसार पूरा सामान उपलब्ध करवाना होगा। इससे किसी विशेष आकार या प्रकार के इंप्लांट के लिए बाहर से सामान मंगवाने की जरूरत कम होगी।
सिविल अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1250 मरीज पहुंचते हैं। हड्डी टूटने, सड़क हादसों और अन्य गंभीर चोटों के कई मामलों में ऑपरेशन के दौरान इंप्लांट की जरूरत पड़ती है। स्थानीय स्तर पर इनकी उपलब्धता से उपचार में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है।
टेंडर में व्यवस्था नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है। यदि सप्लायर निर्धारित स्थानीय भंडार नहीं रखता है तो प्रतिदिन एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
गुणवत्ता पर भी रहेगी नजर
स्वास्थ्य विभाग आने वाले इंप्लांट की गुणवत्ता की जांच करेगा। विभाग किसी भी समय सप्लाई किए गए सामान के नमूने जांच के लिए भेज सकता है। यदि इंप्लांट निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो संबंधित फर्म को बचा हुआ भंडार बदलना होगा। नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई का भी प्रावधान है।
ऑपरेशन के लिए पूरा सेट देना होगा
टेंडर की शर्तों के अनुसार ऑपरेशन के दौरान आवश्यक इंप्लांट का पूरा सेट सप्लायर को उपलब्ध करवाना होगा। मरीज की हड्डी और चोट की स्थिति के आधार पर सर्जन आवश्यक आकार व विशेषता वाला इंप्लांट चुन सकेंगे। ऑपरेशन में इस्तेमाल हुए सामान के अनुसार ही बिल तैयार किया जाएगा। बचा हुआ सामान सप्लायर वापस ले जाएगा। बड़े आर्थोपेडिक ऑपरेशन के दौरान कंपनी के प्रशिक्षित प्रतिनिधि की मौजूदगी भी अनिवार्य होगी। इससे इंप्लांट और उपकरणों की उपलब्धता के साथ तकनीकी सहायता भी मिल सकेगी।
आर्थो इंप्लांट की उपलब्धता मरीजों के उपचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। टेंडर में सप्लायर की जिम्मेदारी, स्थानीय स्तर पर भंडार और गुणवत्ता को लेकर स्पष्ट शर्तें रखी गई हैं। प्रयास है कि मरीजों को समय पर आवश्यक सुविधा मिले और ऑपरेशन के दौरान इंप्लांट की कमी के कारण उपचार प्रभावित न हो। - पवन कुमार, सिविल सर्जन, सिरसा।