सिरसा। जिला परिषद में इस बार भी इनेलो का ही राज होगा, तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। कुल 24 में से नौ सीटों पर महिलाओं ने जीत हासिल की है। विजेताओं में छह स्नातक, दो बारहवीं, 13 दसवीं और और तीन आठवीं पास महिलाएं हैं। विजेताओं की औसत आयु 36 साल है।
जोन नंबर चार में भारी उलटफेर हुआ और विधायक अभय सिंह चौटाला की पत्नी कांता चौटाला के अध्यक्ष बनने की उम्मीदों पर पानी फिर गया। अब ऐसे में जोन 11 से विजयी रेणु बाना के प्रधान बनने की संभावना प्रबल हो गई है।
जिला परिषद के पिछले चुनाव में 21 जोन थे, लेकिन इस बार कुछ नई पंचायतों का गठन हुआ और जोन की संख्या बढ़कर 24 हो गई। शुरू से ही मुकाबला इनेलो और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के बीच था, जबकि भाजपा भी संघर्ष कर रही थी। उधर, हलोपा ने भी 13 वार्ड में उम्मीदवार उतारे थे।
इनेलो समर्थित 13, कांग्रेस छह और भाजपा के पांच उम्मीदवार विजयी हुए। इन 24 सीटों पर 103 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमेें से 15 सीटों पर पुरुष और नौ सीटों पर महिलाएं विजयी हुईं। विजयी उम्मीदवारों में से आठ अनुसूचित जाति के, चार पिछड़ा वर्ग से और 12 सामान्य वर्ग से रहे।
आठवीं पास तीन उम्मीदवार विजयी रहे और तीनों ही महिलाएं हैं। दसवीं पास 13 में से चार महिलाएं हैं, बारहवीं पास दो विजयी उम्मीदवारों में से एक महिला, छह स्नातक विजेताओं में से एक महिला स्नातक हैं। विजेताओं की औसत आयु 36 साल है।
जोन चार से विधायक अभय सिंह चौटाला ने अपनी पत्नी कांता चौटाला को खड़ा किया था क्योंकि प्रधान पद महिला के लिए आरक्षित है, लेकिन कांता चौटाला को उनके ही देवर भाजपा समर्थित उम्मीदवार आदित्य चौटाला ने भारी मतों के अंतर से पराजित किया। ऐसे में जोन 11 से विजयी इनेलो समर्थित रेणु बाना के प्रधान बनने की संभावना प्रबल हो गई है।