दिव्या ज्योति जागृति संस्थान की ओर से श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का निमंत्रण देने का सिलसिला जारी है। शनिवार को आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी प्रेम प्रकाशानंद ने संस्थान के प्रकल्प नारी सशक्तीकरण के बारे में सांसद कुमारी सैलजा से विचार विमर्श किया।
एक प्रसंग के माध्यम से उन्होंने कहा कि एक बार स्वामी विवेकानंद से पूछा के समाज में नारी की ऐसी दुर्दशा क्यों है। स्वामी विवेकानंद ने कहा कि अगर हम चाहते हैं कि नारी का समाज में उच्च स्थान हो तो उसके लिए नारी को स्वयं ही अपनी शक्ति को पहचानना होगा। दीया बनना होगा क्योंकि नारी के कंधों पर समाज की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है इस समाज की आधी आबादी है नारी।
महाराज ने बताया कि नारी के बिना यह समाज अधूरा है नारी को खुद को जानना होगा अपने आप को पहचानना होगा, अपने दिव्य तत्व के साथ जुड़ना होगा। जैसे मां पार्वती ने तपस्या कर भगवान शिव को प्राप्त किया। खुद को जाना, खुद की शक्ति को पहचान मां पार्वती जो जिनका पहले नाम उमा था उमा से पार्वती तक पार्वती से मां जगदंबिका तक की यात्रा को पूर्ण किया। ऐसे ही प्रत्येक नारी के अंदर यह शक्ति है, खुद को जाने-खुद को पहचाने।