महिला कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष रीना बिरट दादू रोड कालांवाली में मनरेगा के तहत काम कर रहे मजदूरों के साथ तकरीबन एक घंटे तक विमर्श किया।
उन्होंने पंचायत चुनाव में शराब से दूर रहने और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देते हुए शांति पूर्ण तरीके से चुनाव में हिस्सेदारी के लिए जागरूक किया।
रीना बिरट ने कहा कि पंचायत चुनाव में हमें किसी भी उम्मीदवार से शराब नहीं लेनी है और उम्मीदवार को चुनाव में शराब बांटने की कसौटी पर नहीं जांचना है।
जो उम्मीदवार गरीबों के मकान बनवानेे, शिक्षा, खेलों को, कंप्यूटर सेंटर, सिलाई सेंटर आदि का वादा करेगा उसे अपने गांव का सरपंच चुनें।
सरकारी ग्रांट को गांव में लगाने के साथ-सात गांव में भ्रूण हत्या, महिला घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा के खिलाफ और महिलाओं व लड़कियों को खेलों व पढ़ाई में बढ़ाने जैसे कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लेने जैसे वादों पर खरा उतरने की सोच वाले व्यक्ति का साथ देने की अपील की।
पंचायत चुनाव में उम्मीदवार या उनके समर्थक 10 दिन तक गरीब व्यक्तियों में, मोहल्लों में शराब बांट सकता है उसके बाद शराब का आदी होने पर कोई शराब नहीं देता, शराब गरीब परिवारों को बर्बाद कर देती है है व उनका स्वास्थ्य खराब कर देती है।
उन्होंने कहा कि शराब की वजह से घरों की महिलाओं को सबसे ज्यादा प्रताड़ना सहनी पड़ती है। इस पंचायत चुनाव में शराब विद्रोही मुहिम को महिला कांग्रेस घर-घर तथा प्रत्येक गांव व मोहल्लों में लेकर जाएगी।
अनुसूचित जाति व हर वर्ग के गरीब परिवारों को शराब के लालच से दूर रहने के लिए जागरूक करेगी। भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए रीना बिरट ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार लोगों की भावना के खिलाफ काम कर रही है।
पंचायत चुनाव में शैक्षिक योग्यता जैसी शर्तें न रखकर अपने समर्थित उम्मीदवार दसवीं पास या बीए. पास उतार देते न कि ऐसी शर्तें जनता पर थोपते। उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों को मजदूरी तक नहीं मिल रही।
किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा, बुढ़ापा पेंशन समय पर नहीं मिल रही। सरकारी स्कूलों में बच्चों को भत्ता नहीं मिल रहा। नाजायज खर्चों को छोड़कर सरकार को जनहित में कार्य करने चाहिए।
युवा करेंगे पंचायत चुनाव में शराब बांटने वालों का विरोध
गांव बिज्जूवाली के शहीद भगत सिंह युवा क्लब के सदस्यों ने गांव को आदर्श बनाने का बीड़ा उठाया है।
क्लब के प्रधान हेमराज बिरट, अमित कैथ, जगदीश मान, राकेश ढाल, कमल किशोर, पवन मांडी, मन्नी शर्मा, कपिल मेहता, सत्य सुथार व रमेश गोदारा सहित अन्य युवाओं ने कहा कि पंचायती चुनावों में अक्सर शराब बांटने का प्रचलन देखा जाता है और इस बार बिज्जूवाली के युवाओं द्वारा चुनावों में शराब बांटने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा तथा इसके लिए ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि नशा बांटने वाले उम्मीदवारों को वोट नहीं डाले जाए।
युवाओं ने बताया कि क्लब के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को इसके प्रति जागरूक करेंगे। युवाओं ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण इकाई है और इसके लिए क्लब सदस्य पूरी तरह से तैयार हैं तथा गांव में खासकर महिलाओं को यह संदेश दिया जायेगा कि जो भी उम्मीदवार शराब या नशा बांटता है तो उसकी सूचना गुप्त रूप से क्लब सदस्यों को दी जाए, ताकि ऐसे उम्मीदवारों के खिलाफ समय पर पुलिस की मदद से कार्रवाई हो सके। युवाओं ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ उन्होंने गांव को आदर्श गांव बनाने का बीड़ा उठाया है।