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Sirsa News: महिलाओं ने मटके फोड़ जताया विरोध बोलीं- पानी न मिलने से पशु तक प्यासे

Thu, 13 Jun 2024 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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लघु सचिवालय सिरसा के बाहर मटका फोड़ प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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सिरसा। गांव जमाल की ज्ञानदीप की ढाणियों और गांव रूपावास के ग्रामीणों ने वीरवार को लघु सचिवालय परिसर पर मटका फोड़ प्रदर्शन किया। महिलाओं ने पानी और बिजली की मांग को लेकर मटके फोड़े और प्रशासन को खरी खरी सुनाई। महिलाओं ने कहा कि बच्चों से लेकर पशुओं तक के लिए पीने के लिए पानी नहीं है। जो पानी है, वह खारा है।
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महिलाओं ने कहा कि बिजली पानी मुहैया करवाना सरकार को कर्तव्य है। बिजली नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे जाए तो कहां जाए, मजबूरन आज हमें मटके उठाकर यहां धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। धरने की सूचना मिलने पर एसडीएम राजेंद्र जांगड़ा धरना स्थल पर पहुंचे। महिलाओं और पुरुषों ने उपायुक्त के अलावा किसी से मिलने से इन्कार कर दिया। जिसके बाद ग्रामीणों की कमेटी को उपायुक्त आरके सिंह से मिलवाया गया। इस उपायुक्त ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण घरों को लौट गए।
बता दें कि गांव ज्ञानदीप की ढाणियों, रूपावास, ढुकड़, बरूवाली से 100 से ज्यादा महिलाएं, पुरुष और बच्चे वीरवार को लघु सचिवालय परिसर पहुंचे। महिलाओं और बच्चों के हाथ में मटके थे। सभी गाड़ियों से उतरने के साथ सरकार और प्रशासन के मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे और बिजली पानी की मांग कर रहे थे। बिजली न होने के कारण जहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं खारा पानी पीने से लोग बीमार होने लगे हैं। ज्ञान सिंह, हरी सिंह व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे पानी और बिजली की समस्या को लेकर गांव जमाल में 35 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन जिला प्रशासन व सरकार ने उसकी कोई सुध नहीं ली। इस दौरान भीषण गर्मी के कारण एक किसान बीमार हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई। कई किसान बीमार हो चुके है और उपचार करवा रहे हैं। इसके बावजूद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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महिलाएं और बच्चे बोले-
गांव रूपावास की 12 वर्षीय रूपाश्री ने बताया कि हमें पीने का खारा पानी मिलता है। बिजली बहुत कम आती है, इस कारण पढ़ाई भी ढंग से नहीं कर पाते है। पानी के लिए धूप में मां के साथ तीन से चार किलोमीटर दूर नहर से पानी लाना पड़ता है। सरकार से मांग है कि उन्हें बिजली और पानी की सुविधा मुहैया करवाए।
वहीं शारदा बैनीवाल ने एक माह से धरना चल रहा है। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हम बिजली और पानी ही मांग रहे हैं, जो हमारा हक है। आज मजबूरन हमें यह मटका फोड़ प्रदर्शन करना पड़ रहा है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी धरना चलता रहेगा। बच्चों की पढ़ाई लिखाई प्रभावित हो रही है। पशुओं तक को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। रूपावास और जमाल गांव में पानी की समस्या है। एक से डेढ़ माह से बहुत परेशान हो गए हैं।
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