सिरसा। जिले में ग्रामीण मतदाताओं ने अपने गांव की सरकार चुन ली है। सिरसा खंड की बात करें तो 56 पंचायतों में से 27 में महिलाएं चौधर करेंगी। वहीं 26 नवनिर्वाचित सरपंच किसान या मजदूर हैं। सिरसा खंड में 29 ऐसे सरपंच है, जो 10वीं पास हैं। 11 नवनिर्वाचित सरपंच 12वीं पास हैं, जबकि 10 सरपंच 8वीं पास हैं। उच्चतर शिक्षा की बात करें तो चार सरपंच मिले बीए पास हैं, जबकि दो सरपंच मास्टर डिग्री कर चुके हैं।
पंचायत चुनाव के बाद गांव की सरकार बनकर तैयार है। करीब एक साल आठ माह की देरी से बनी गांव की सरकारों के पास काफी चुनौतियां हैं। यहां एक और विकास कार्यों को लेकर नई रणनीति को लेकर काम करना पड़ेगा, वहीं पिछले कार्यकाल के दौरान आए गैप को भी भरना पड़ेगा। सिरसा खंड में 56 गांव हैं। इनमें से 29 गांवों की चौधरी पुरुषों को मिली है, जबकि 27 गांवों की बागडोर महिलाओं के हाथ में होगी। इनमें भी 19 महिलाएं गृहिणी हैं।
डेढ़ साल में रुके पड़े है गांव का विकास
पंचायत का चुनाव करीब एक वर्ष आठ माह देरी से हुए हैं। समय पर चुनाव न होने के कारण पिछले सरपंचों को कार्य काल पहले ही समाप्त हो गया। ऐसे में ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गांव स्तर पर होने वाले विकास कार्यों पर रोक लग गई। जरूरी कार्यों के लिए प्रशासन को ही हस्तक्षेप करना पड़ा। छोटे मोटे कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को खंड विकास एवं पंचायती अधिकारी कार्यालय या फिर जिला मुख्यालय तक के चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ा।
ये बने गांव के सरपंच
पंचायत सरपंच
अहमदपुर संदीप कुमार
अलानूर(नानकपुर) लक्ष्मी देवी
अलीपूर, टीटूखेड़ा सोनू
बग्गूवाली रिंकू सिंह
बाजेकां कुलबीर कौर
बनसुधार मनौज कुमार
बरूवाली प्रथम सीता कंबोज
भंगूर राकेश कुमार
भरोखा स्नेहलता
भावदीन गुरिंद्र सिंह
चामल मंजीत कौर
दड़बी रामस्वरूप
ढाणी 400 सुखविंद्र कौर
ढाणी भरोखा मिलखराज
ढाणी चन्नू शहीद सिमरण
ढाणी खेयोवाली सुनीता रानी
ढाणी खुहवाली ओमप्रकाश
ढाणी रामपुरा सुनीता रानी
धिंगतानियां राकेश कुमार
डिंग रोड मुकेश कुमार
फरवाईकलां राजबाला
फरवाई खुर्द गुरमीत कौर
फतेहपुर वैदवाला दीप सिंह
हांडीखेड़ा, कासनखेड़ा कपिला देवी
झोपड़ा संदीप कुमार
झोड़नाली विजय कुमार
कंगनपुर मंजीत कौर
कंवरपुरा पूनम देवी
कुसुंभी वेदप्रकाश
केलनियां अंजुबाला
खैरेंका सुमन कुमार
कोटली पिंकी
माधोसिंघाना विनोद कुमार
मंगाला अनिता रानी
मीरपुर वेदप्रकाश
मीरपुर कॉलोनी कर्मप्रीत कौर
मोहम्मदपुर सलारपुर जसविंद्र सिंह
मौजूखेड़ा हरपाल सिंह
मोरीवाला सुमित्रा बाई
मुसाहिबवाला गुंजन
नरेलखेड़ा हरदीप सिंह
नटार बाबूराम
नेजाडेला कलां सोना देवी
पनिहारी नीतू रानी
पतली डाबर लखविंद्र सिंह
फूलकां कैलाश चंद्र
रंगड़ी खेड़ा गुरप्रीत कौर
रसुलपुर कैलाश रानी
शहीदांवाली सीताराम
शाहपुर बेगू परमजीत कौर
संगर सरिस्ता अमनदीप
शाह सतनाम पुरा चरणजीत सिंह इंसां
शमशमाबाद पट्टी दलजीत कौर
सिकंदरपुर मलकीत सिंह
सुचान ममता रानी
थेड़ी बाबा सावन सिंह मिलखराज
ग्रामीणों ने मुझे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। इसलिए मैं इस दायित्व को बहुत ही ईमानदारी व निष्ठा से निभाऊंगी। गांव में कहीं भी विकास कार्य होगा तो सबसे पहले ग्रामीणों की राय व उनके सुझाव लेना मेरी प्राथमिकता रहेगी। चुनाव से पूर्व मैंने जो भी घोषणाएं की उन्हें हर संभव पूरा करूंगी। स्वच्छता व स्वास्थ्य के साथ-साथ गांव में खेल सुविधाएं उपलब्ध करवा मेरा कर्तव्य रहेगा। गांव के हर वर्ग को साथ लेकर चलना व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध करना है। - प्रोमिला बैनीवाल, सरपंच गांव कागदाना।
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एक सरपंच सभी वर्ग का साझा सेवक होता है। किसी के साथ भेदभाव उसके लिए न्यायसंगत नहीं होता। मैं खुद एक शिक्षित महिला हूं इसलिए बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लेकर जाऊंगी। युवा वर्ग नशा व बुराइयों से दूर रहे इसके लिए गांव में रोजगार के संसाधन उपलब्ध करवाना मेरा प्रयास रहेगा। प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करना, युवाओं को कानून व्यवस्था और यातायात नियमों से अवगत करवाने के लिए विशेष शिविर लगाए जाने जैसे कार्य भी प्राथमिकता में शामिल रहेंगे। - नैना झोरड़ सरपंच, गांव बणी ग्राम पंचायत।
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