सिरसा। करवाचौथ का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। महिलाओं के इस खास त्योहार के निलएशहर के बाजार सजे-धजे नजर आ रहे हैं। जगह-जगह सजी चुड़ियों, साड़ियों, ड्रेस, कॉस्मेटिक और सजावटी सामान की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी हैं। दुकानदारों के चेहरे पर भी मुस्कान है, क्योंकि करवाचौथ जैसे त्योहार पर बिक्री में तेजी आ गई है।
इस बार करवाचौथ 10 अक्तूबर को मनाया जाएगा। दिनभर व्रत रखकर पति की लंबी उम्र की कामना करने वाली महिलाएं पहले से ही अपनी तैयारियों में जुट गई हैं। पारंपरिक परिधानों से लेकर आधुनिक ज्वेलरी तक, सबकुछ त्योहार के रंग में रंगा दिखाई दे रहा है। बाजारों में लाल, मैरून, गोल्डन और पिंक रंग की ड्रेस की सबसे ज्यादा मांग देखने को मिल रही है। महिलाएं अपनी ड्रेस के साथ चूड़ियों की पूरी मेचिंग करवा रही हैं ताकि करवाचौथ की रात पर उनका लुक सबसे अलग और आकर्षक नजर आए।
लाख की चूड़ियों और एडी कंगन की मांग में बढ़ोतरी
पहले जहां महिलाएं केवल कांच की चूड़ियां पसंद करती थीं, वहीं अब ट्रेंड बदल चुका है। डिजाइनर लाख की चूड़ियां और अमेरिकन डायमंड (एडी) वाले कंगन खूब बिक रहे हैं। दुकानदारों ने भी करवाचौथ को ध्यान में रखते हुए नए-नए डिजाइन के सेट तैयार कर रखे हैं। मोहंता मार्केट में दुकानदार रवि कुमार ने बताया कि इस बार महिलाएं अपनी पसंद के रंगों के अनुसार सेट बनवाने में ज्यादा रुचि दिखा रही हैं। कई महिलाएं ड्रेस और दुपट्टे की फोटो लेकर आती हैं, ताकि चूड़ियां उसी रंग की तैयार की जा सकें। इस बार सोने की पॉलिश वाले एडी कंगन की मांग सबसे ज्यादा है।
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नए डिजाइन और शेड्स ने महिलाओं का दिल जीता
लाख की चूड़ियां हमेशा से करवाचौथ की पहचान रही हैं, लेकिन इस बार उनमें नए डिजाइन और शेड्स ने महिलाओं का दिल जीत लिया है। लाल, नारंगी, गोल्डन, और मैरून शेड की लाख की चूड़ियां सबसे ज्यादा बिक रही हैं। वहीं सीप की चूड़ियों में गोल्डन लाइनिंग और मोतियों की कारीगरी महिलाओं को खूब पसंद आ रही है। कई महिलाएं सीप और एडी कंगन का कॉम्बिनेशन बनवाकर पूरा हाथ सजाने का ट्रेंड अपना रही हैं। दुकानदारों के अनुसार, ऐसे सेट की कीमत 200 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक जा रही है।
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डिजाइनर सेट्स का बढ़ा चलन
अब केवल पारंपरिक चूड़ियां ही नहीं, बल्कि डिजाइनर चूड़ियों का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। मोतियों, पत्थरों और एडी की चमक से सजे सेट करवाचौथ के मौके पर महिलाओं की पहली पसंद बन चुके हैं। कई महिलाएं अपने नाम के अक्षर या पति के नाम का पहला अक्षर भी चूड़ियों में डिजाइन करवाने लगी हैं।
करवाचौथ जैसे पर्व पर चूड़ियों का विशेष महत्व होता है। ये न सिर्फ श्रृंगार का हिस्सा हैं बल्कि सुहाग का प्रतीक भी मानी जाती हैं। महिलाएं इन चूड़ियों को पहनकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इसलिए हर वर्ष करवाचौथ से पहले चूड़ियों की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। -
मोनिका गोदारा, सिरसा।
करवाचौथ के दिन का इंतजार हर सुहागन महिला पूरे वर्ष करती हैं। इसलिए महिलाएं करवाचौथ से पहले चूड़ियां खरीद रही हैं। हर कोई चाहती है कि इस बार का करवाचौथ खास और यादगार बने। पत्नियां पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। सोलह श्रृंगार करती हैं। सोलह श्रृंगार में चूड़ियों का अधिक महत्व है। -
शिल्पा पंचाल, सिरसा।