जिले में कोरोना संक्रमितों और मौत की बढ़ती संख्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अब निजी अस्पताल के चिकित्सकों से कोरोना संक्रमितों का इलाज शुरू करवाने का फैसला लिया है। इससे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर होने वाले मरीजों की संख्या भी कम होगी और मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में शुक्रवार को सीएमओ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग ली। दूसरी ओर शुक्रवार को आई रिपोर्ट में शहर की नामधारी कॉलोनी निवासी 80 वर्षीय महिला ने संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया। वहीं 82 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
जिले में कोरोना संक्रमितों और मरने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग सिरसा ने एक विश्लेषण किया कि जिले में अधिकतर संक्रमितों की मौत दूसरे अस्पताल में रेफर करने के बाद हुई है। अगर मरीजों का यहीं पर बेहतर चिकित्सकों से इलाज करवाया जाए तो शायद कोरोना से होने वाली मौत को कम किया जा सकता है। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग सिरसा ने शुक्रवार को जिले के आईएमए के चिकित्सकों की एक बैठक ली। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने एक टीम बनाई, जिसमें आईसीयू में भर्ती मरीजों का स्पेशलिस्ट चिकित्सकों से इलाज करवाया जाएगा। जिस कारण गंभीर मरीजों को अग्रोहा के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अगर जिले में ही संक्रमितों को बेहतर इलाज मिला तो शायद मौत का आंकड़ा कम हो जाए। वहीं संक्रमितों के लिए स्वास्थ्य विभाग और बेहतर सेवाएं देने को लेकर विचार विमर्श कर रहा है।
महिला ने अग्रोहा में तोड़ा दम, 82 संक्रमितों में 47 सिरसा के
वीरवार को 60 वर्षीय संक्रमित महिला की मौत हो गई। महिला शहर के नामधारी कॉलोनी की रहने वाली थी, संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसे अग्रोहा रेफर कर दिया था। जहां उसकी वीरवार को मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद के टीम से महिला का दाह संस्कार करवा दिया। शुक्रवार को आई रिपोर्ट में 82 लोग संक्रमित पाए गए जिनमें 47 संक्रमित सिरसा से है जो सी ब्लॉक से दो, एक बी ब्लॉक, एक रानियां गेट, एक चत्तरगढ़पट्टी, दो ऐरा कॉलोनी, पांच नोहरिया बाजार, एक भीम कॉलोनी, चार हुडा सेक्टर 20, एक घंटाघर चौक, दो अग्रसेन कॉलोनी, चार कोर्ट कॉलोनी, एक अनाज मंडी, एक डी ब्लॉक, दो जीटीएम कॉलोनी, एक राम कॉलोनी, एक एफ ब्लॉक, दो द्वारका पुरी, दो थेहड़ मोहल्ला, तीन रोडी बाजार, दो एसबीआई बैंक सिरसा, एक गोशाला रोड, एक कीर्ति नगर, दो बेगू रोड, एक सिविल अस्पताल सिरसा, दो आर्य समाज रोड, एक खन्ना कॉलोनी, पांच डबवाली, सात ऐलनाबाद, तीन कालांवाली, एक नाथूसरी चोपटा, 17 रानियां, एक बड़ागुढा और एक चौटाला से हैं। जिले में अब तक 3437 मरीज संक्रमित पाए गए हैं जबकि 56 लोगों की मौत हो चुकी है।
आंकड़ा बढ़ता देख पंचायत से विभाग मांग रहा सहयोग
जिले में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 3437 तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की संक्रमितों को आइसोलेट करने को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं डबवाली में संक्रमितों की संख्या बढ़ने और क्वारंटीन सेंटर में जगह न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने डबवाली के गांवों के सरपंचों से सहयोग मांगा है कि अगर उनके गांव में ऐसी कोई व्यवस्था है जहां कुछ लोगों को आइसोलेट किया जा सके और वहां निजी बाथरूम और अन्य सभी सुविधाएं हो। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अगर कोई पंचायत मरीजों के आइसोलेशन में सहायता करती है तो उसका स्वागत किया जाएगा। जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं भी कम होगी। वहीं शहर में स्वास्थ्य विभाग आइसोलेशन को लेकर निजी धर्मशाला को आइसोलेट सेंटर बनाने पर विचार कर रहा है। विभाग के अनुसार अगर सभी आइसोलेशन केंद्रों में जगह पूरी हो जाती है तो विभाग द्वारा कोई प्रबंध किया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमित जो होम आइसोलेट किए हुए हैं, उनके लिए जिले में 17 टीमों का गठन किया है। जो होम आइसोलेट संक्रमितों की जांच करेगी।
कोट
जिले में कोरोना से मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। जिस पर आईएमए के चिकित्सकों की बैठक ली गई है और उनसे सहयोग मांगा गया है। उनके सहयोग से मरीजों का बेहतर इलाज होगा, जिससे मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा और मौत का भी आंकड़ा कम होगा। शुक्रवार को 82 लोग संक्रमित मिले हैं, वहीं एक की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की 17 टीमें लगाई गई है जो संक्रमितों की जांच करेगी। वहीं संक्रमितों की संख्या बढ़ने पर विभाग आइसोलेशन के प्रबंध को भी देख रहा है।
-डॉ. कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन स्वास्थ्य विभाग सिरसा।