दुराचार मामले में फंसे केंद्रीय मंत्री निहाल चंद मेघवाल मंगलवार को बगैर अपने लाव-लश्कर के डबवाली से होते हुए दिल्ली से श्रीगंगानगर के लिए निकल गए। मोदी कैबिनेट के इस मंत्री ने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अलग रास्ते का प्रयोग किया। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे केंद्रीय मंत्री निहाल चंद मेघवाल दिल्ली से श्रीगंगानगर के लिए रवाना हुए थे। वे बहादुरगढ़, हांसी, हिसार, सिरसा होते हुए डबवाली पहुंचे।
वे लालबत्ती वाली गाड़ी में सवार थे। सिरसा से उनके साथ चल रही पायलट गाड़ी गांव डबवाली पहुंची। गांव डबवाली में शहर थाना की पीसीआर ने मंत्री को रिसीव किया। शहर के गोल चौक से उन्हें मालवा बाईपास ले जाया गया। डबवाली-मलोट रोड पर जाम होने के कारण उनकी गाड़ी को गुरुनानक कॉलेज गुरुद्वारा के नजदीक लिंक रोड़ से सीतोगुनो (पंजाब) की ओर रवाना कर दिया गया।
इस रास्ते से क्यों नहीं गए मंत्री
केंद्रीय मंत्री को विरोध का डर सताता रहा। वे दिल्ली से डबवाली तक सिंगल गाड़ी में पहुंचे। डबवाली से वाया अबूबशहर तथा चौटाला होकर जाने पर मंत्री महज ढाई घंटे से पौने तीन घंटे में श्रीगंगानगर पहुंच सकते थे। यह मार्ग भी टिप-टॉप है लेकिन मंत्री ने अपने जाने के लिए पंजाब के सीतोगुनो वाला लंबी दूरी वाला रोड़ चुना।
चूंकि डबवाली-चौटाला रोड पर जाने से दुराचार पीड़िता का गांव अबूबशहर बीच में आता था। विरोध से बचने के लिए केंद्रीय मंत्री ने उपरोक्त रास्ता चुना। पंजाब के सीतोगुनो वाले रोड की हालत भी खस्ता है। वहीं श्रीगंगानर पहुंचने में भी करीब साढ़े तीन घंटे लगते हैं।
विरोध के चलते चुना रास्ता
1. डबवाली-मलोट रोड़ पर रेलवे पुल का निर्माण हो रहा है। इसके बावजूद केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली से श्रीगंगानगर पहुंचने के लिए यही मार्ग चुना।
2. डबवाली-चौटाला रोड़ से श्रीगंगानगर जाते तो पीड़िता के गांव अबूबशहर में विरोध का डर था।
3. निहाल चंद मेघवाल के कार्यक्रम को पूरी तरह से गुप्त रखा गया। आज सुबह ही प्रशासन को मैसेज प्राप्त हुआ।
4. सीतोगुनो रोड़ की हालत खस्ता है, इसके बावजूद मंत्री इसी सड़क मार्ग से गए।