दूसरे दिन बुधवार को भी धूप निकलने के बावजूद ठंड जबरदस्त रही। हालांकि दिन में पारा 17.1 डिग्री तक रहा लेकिन सुबह-शाम को पारा 2.3 डिग्री होने के कारण हाड़ कंपाने वाली ठंड जारी है। दिन भर शीत लहर के कारण कड़ाके की ठंड का अहसास होता रहा।
बुधवार को भी सुबह और शाम को पारा दो डिग्री के आसपास रहने से कड़ाके की ठंड रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले तीन से चार दिनों तक ठंड बढ़ने की संभावना है। ठंड के कारण स्कूली बच्चों को परेशानी का समाना करना पड़ा। अधिक ठंड के कारण स्कूलों में बच्चों की संख्या भी कम होने लगी है।
कड़ाके की ठंड : ओपीडी पहुंची 700 पार
कड़ाके की ठंड से शहर के अस्पतालों में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। जिला अस्पताल में सुबह से देर-शाम तक मरीजों की भीड़ लगी रहती है। डॉक्टरों के अनुसार दो दिनों से अस्पताल की ओपीडी 700 पार हो गई है। अस्पताल के सभी बेड फुल चल रहे हैं।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं। ओपीडी में 700 मरीज पहुंचे थे, जबकि चार दिन पहले 400 मरीज ही आए थे। डिप्टी सीएमओ विरेश भूषण का कहना है कि ठंड के मौसम में सर्दी, जुकाम और बुखार के रोगियों की संख्या में वृद्धि होती है, लेकिन दो दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से बीमार लोगों की संख्या काफी ज्यादा है।
अधिकांश रोगियों को डॉक्टर दवा देकर घर भेज देते हैं। अगर किसी की हालत ज्यादा ही खराब हो तो उसे अस्पताल में दाखिल किया जाता है। वहीं, सर्दी के सितम का असर गांव से लेकर शहर तक देखा जा रहा है। सबसे अधिक परेशानी झोपड़-पट्टी में रहने वालों को हो रही है। इनके लिए इस सर्दी से बचने का एकमात्र सहारा अलाव ही है।
बच्चों का रखें ख्याल
कड़ाके की सर्दी के कारण इन दिनों अस्पतालों में बच्चे और बुजुर्ग मरीजों की संख्या बढ़ गई है। निमोनिया, अस्थमा, गले में इंफेक्शन, डायरिया से पीड़ित बच्चे काफी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। ये बीमारियां एक साल से कम उम्र के बच्चों को ज्यादा हो रही हैं। एक साल से अधिक उम्र के बच्चों में निमोनिया, अस्थमा की बीमारियां हो रही हैं। सर्दी के कारण बुजुर्गों को जोड़ों में दर्द की शिकायत भी अधिक है।
विशेष ध्यान रख रहे
ठंड बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए डॉक्टरों को विशेष निगाह रखने कहा गया है। अस्पताल में सभी मरीजों के पास बेडशीट समेत गर्म कपड़े भी उपलब्ध हैं।
डॉ. सुभाषिणी, चिकित्सा अधीक्षक
ब्लडप्रेशर और डायबिटीज के रोगी बरतें सावधानी
ठंड के मौसम में ब्लडप्रेशर और डायबिटीज के रोगी विशेष सावधानी बरतें। सर्दी के मौसम में हर व्यक्ति को कम से कम तीन लीटर पानी पीना चाहिए। कम पानी पीने से मांसपेशियों में ऐंठन और पिंडलियों में दर्द की शिकायतें भी बढ़ जाती हैं। अस्पताल में प्रतिदिन की ओपीडी 700 हो गई है।
डॉक्टर विरेश भूषण, डिप्टी सीएमओ