संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पति की हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पत्नी व ससुर को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषियों की सजा का फैसला 17 जनवरी तक सुरक्षित रखा। सदर थाना डबवाली पुलिस ने 2020 में अभियोग दर्ज किया था।
मामले के अनुसार गांव रामगढ़ निवासी जसबीर सिंह की शादी 16 साल पहले ओढां निवासी सिमरनजीत कौर के साथ हुई थी। शादी के बाद से दोनों में छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा होने लगा। करीब दो माह पहले सिमरनजीत कौर अपने मायके ओढां में आ गई और यहीं रहने लगी। पांच अक्तूबर 2020 को जसबीर सिंह अपनी पत्नी सिमरनजीत कौर को लेने ससुराल आया और शाम को लेकर चला गया। 6 अक्तूबर को सिमरनजीत कौर का पिता जोगेंद्र सिंह बेटी के पास रामगढ़ आया। यहां उसने देखा कि जसबीर सिमरनजीत के साथ झगड़ा कर रहा था। इससे जोगेंद्र सिंह को गुस्सा आ गया और उसने बेटी से कहा कि जसबीर का काम तमाम कर देते हैं। इसके बाद सिमरनजीत कौर ने घोटे से और जोगिंद्र ने लाठी से जसबीर सिंह के सिर पर वार कर दिए। ताबड़तोड़ वार से जसबीर की मौत हो गई।
पुलिस ने मृतक जसबीर सिंह के बड़े भाई मक्खन सिंह का बयान दर्ज कर आरोपी पत्नी सिमरनजीत कौर व ससुर जोगेंद्र सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। सरकारी अधिवक्ता पलविंदर सिंह का कहना है कि मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने आरोपी पत्नी व ससुर को हत्या का दोषी करार दे दिया।