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Sirsa News: जहां नहीं एक भी खेल स्टेडियम, वहीं की बेटी तीरंदाजी में लेकर आएगी देश के लिए मेडल

Sun, 28 Jul 2024 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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तीरंदाज भजन कौर। संवाद
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अशोक दधीच
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सिरसा। जिस ऐलनाबाद में आज तक कोई खेल स्टेडियम नहीं बना है, वहीं की बेटी रविवार को निशाने पर तीर साधेगी। पेरिस ओलंपिक में तीरदांजी के टीम इवेंट में भजन कौर रविवार को एक बजे टीम क्वार्टर फाइनल खेलेंगी। भजन कौर से पूरे देश को मेडल की आस बनी हुई है। टीम इवेंट में उनको मात्र दो मैच जीतने हैं, इसके बाद उनका पदक पक्का हो जाएगा। भजन कौर के लिए सोशल मीडिया पर भी उनकी जीत की कामना की जा रही है।

भजन कौर ने आठवीं कक्षा से तीरंदाजी शुरू की थी। एक शिक्षक ने उनको सीनियर खिलाड़ी की ओर से छोड़े गए धनुष और तीर थमाए और निशाना लगाने को कहा। भजन कौर ने स्टीक निशाना लगाया। इससे शिक्षक उनकी प्रतिभा से प्रभावित हुए। भजन कौर ने कभी पीछे कदम नहीं किए। भजन कौर का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। वह 2023 में चीन में एशियाई खेलों में कांस्य, सीनियर नेशनल गेम्स में स्वर्ण व इसी साल हुई यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण और 2022 के एशिया कप में दो स्वर्ण जीते हैं। उन्होंने तुर्की के अंताल्या में ओलंपिक क्वालीफायर में महिलाओं की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारत के लिए ओलंपिक कोटा हासिल किया।
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पिता ने कर्ज लेकर शुरू कराया खेल

भगवान सिंह ने बताया कि जब भजन कौर ने उनको बताया कि वह तीरंदाजी करना चाहती हैं। इससे उनका बहुत अच्छा तो लगा पर घर की आर्थिक तंगी को देखते हुए उन्होंने इसे टाल दिया। इसके बाद बेटी की जिद और जज्बा देखकर वह आढ़तिए से रकम लेकर पहली तीरंदाजी की किट खरीदकर लाए। इससे कुछ काम चला लेकिन किट इतनी अच्छी नहीं थी। इसके बाद एक बार फिर से पैसे जुटाकर साढ़े तीन लाख रुपये की किट बेटी को लाकर दी।
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भजन कौर का रविवार को टीम इवेंट का क्वार्टर फाइनल का मैच होगा। अगर यह मैच टीम जीतती है, तो आगे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। इसके बाद फाइनल खेला जाएगा। सेमीफाइनल में पहुंचते ही मेडल पक्का हो जाएगा। - मनजीत मलिक, कोच तीरंदाजी।
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