जिला नागरिक अस्पताल में सुबह 9 बजे तक अल्ट्रासाउंड केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट नहीं आया तो मरीजों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया और मामले की शिकायत सिविल सर्जन से की। उप सिविल सर्जन डॉ. राजेश चौधरी ने मौके पर पहुंचकर मरीजों के अल्ट्रासाउंड करने की प्रक्रिया शुरू की तो मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। जिसके बाद मरीज परेशान होकर वापस लौट गए। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं की पर्ची बनाकर उनका निजी केंद्र पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवाया, जबकि अन्य मरीजों को अगले दिन आने के लिए कहा गया।
बता दें कि नागरिक अस्पताल में हर रोज 70 के करीब मरीज अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए आते हैं। लेकिन अस्पताल में दिनभर में करीब 40 से 45 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। इनमें बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं होती हैं। शुक्रवार को सुबह से ही मरीज अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए अस्पताल पहुंच गए और टोकन कटवा लिया। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं आया। बाद में जानकारी प्राप्त हुई कि इमरजेंसी के कारण रेडियोलॉजिस्ट को अवकाश लेना पड़ा है। ऐसे में कोई व्यवस्था नहीं होने पर सुबह आठ बजे से अल्ट्रासाउंड करने के लिए आए मरीज नाराज हो गए और हंगामा कर दिया। मरीजों ने रेडियोलॉजिस्ट पर समय पर न आने और काम न करने के आरोप लगाए। अस्पताल में सुबह आठ बजे तक करीब 60 मरीजों की ओर से टोकन कटवा गए थे। मामले की सूचना उप सिविल सर्जन डॉ. राजेश चौधरी को मिली तो वह मरीजों का अल्ट्रासाउंड करने के लिए पहुंच गए।
लेकिन चार - पांच मरीजों के अल्ट्रासाउंड होने के बाद ही मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। खराबी आने के बाद मशीन नहीं चली। अस्पताल प्रशासन की इस लचर प्रक्रिया से नाराज होकर कई मरीज वापस लौट गए। वहीं नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पर्ची बनाकर दे दी ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
नहीं हो पाती सभी मरीजों की जांच
बता दें कि सुबह नौ बजे तक ही नागरिक अस्पताल में 70 के करीब टोकन कट जाते हैं। जिसके बाद आने वाले मरीजों को अगले दिन के लिए बुलाया जाता है। अस्पताल में पहुंचे मरीज संतोरानी, राजबाला, संतोष, संदीप कुमार, नरेश सिंह ने बताया कि वह साढ़े छह बजे ही अस्पताल में आ गए थे। लेकिन नौ बजे तक किसी भी मरीज का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। इसके कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
सुबह रेडियोलॉजिस्ट के पद पर काम करने वाले विशेषज्ञ ने इमरजेंसी होने पर अवकाश ले लिया था। जिसके बाद उप सिविल सर्जन ने मरीजों के अल्ट्रासाउंड करने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण प्रक्रिया बंद हो गई। मशीन को ठीक करने के लिए कंपनी के कर्मचारियों को बुलाया गया है।
डॉ. पवन कुमार, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, सिरसा ।