फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: सुनवाई नहीं होने पर लघु सचिवालय का गेट फांदकर परिसर में घुसे प्रदर्शनकारी किसान

Thu, 01 Feb 2024 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के बैनर तले किसानों ने वीरवार को लघु सचिवालय में जमकर नारेबाजी की। किसानों की सुनवाई न करने से नाराज किसानों ने लघु सचिवालय के मुख्य गेट को फांदकर उपायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट पर अपना ज्ञापन चस्पा किया। किसान नेताओं ने ज्ञापन चस्पा करते हुए नारे लगाते हुए कहा कि उपायुक्त भले ही पीछे के गेट से चले जाएं, हमारे लिए तो यह गेट ही उपायुक्त है। वहीं किसानों के अंदर घुसने और ज्ञापन चस्पा करने पर डीएसपी जगत सिंह मोर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर नाराज हो गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को जमकर लताड़ लगाई।
विज्ञापन

लघु सचिवालय परिसर में हल्ला बोलने से पहले भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह वेदवाला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान शहीद भगत सिंह स्टेडियम में एकत्रित हुए। इसके पश्चात सभी किसान लघु सचिवालय में पहुंचे और मुख्य गेट के आगे धरना पर बैठ गए। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर दी। वहीं किसानों के आने की सूचना पहले से होने पर भारी पुलिसबल मौके पर तैनात कर दिया गया।
किसानों की इच्छा थी कि उनका मांग पत्र खुद जिला उपायुक्त लें, एक घंटे से डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बावजूद जब उपायुक्त नहीं पहुंचे तो किसान नाराज हो गए। वह लघु सचिवालय के भवन में प्रवेश करने की जिद करने लगे। इस बीच सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान नेताओं ने एक बात भी नहीं सुनी। वह उपायुक्त खुद ज्ञापन देने की बात पर अड़े रहे और गेट फांदकर परिसर के अंदर प्रवेश कर गए। अंदर जाकर किसानों ने गेट खोल दिया। किसानों का आक्रोश देखते हुए पुलिस कर्मचारियों ने भागकर उपायुक्त भवन के ग्राउंड फ्लोर का गेट बंद कर दिया। जिसके बाद किसानों ने बंद गेट पर ही ज्ञापन चिपका दिया और कहा कि बड़ी विडंबना की बात है कि उपायुक्त के होते हुए हमें आज दीवार को ज्ञापन सौंपना पड़ रहा है। राज्य प्रधान जगत माखा, मंडल प्रधान सिकंदर सिंह रोड़ी ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करेगी उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त का दायित्व बनता है कि वह जनता की समस्या को गंभीरता से सुने, परंतु खुद उपायुक्त पिछले गेट से निकल जाते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का यह रवैया जनता के हित में नहीं है। आज हमने इस दीवार को उपायुक्त मानकर यह ज्ञापन सौंपा है।
विज्ञापन


कर्मचारियों को डीएसपी ने लगाई लताड़:
किसानों के लघु सचिवालय के गेट को फांदकर अंदर घुसने की सूचना मिलने के बाद डीएसपी जगतसिंह मौके पर दलबल के साथ पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा में हुई इस चूक पर डीएसपी ने नाराजगी जताई। वहां मौजूद पुलिस कर्मचारियों को काफी लताड़ लगाई। इसके पश्चात सभी कर्मचारियों को एकत्रित किया गया और उनकी उपस्थिति की जांच की।
विज्ञापन


किसानों की मांगें :
- बार-बार आश्वासन के बावजूद वर्ष 2020 का मुआवजा न मिलना।
- वर्ष 2023-24 का बीमा क्लेम जल्द जारी किया जाना।
- बिजली निगम द्वारा बिजली बिल में अतिरिक्त चार्ज को बंद किया जाना।
- घग्गर नदी व रंगोई नाला से आई बाढ़ से प्रभावित फसलों व आर्थिक नुकसान की भरपाई किया जाना।
- घग्गर नदी की कार्ययोजना के तहत सफाई व खुदाई किया जाना।
- पराली नियंत्रण के तहत मिलने वाली 1 हजार रुपये की राशि के लिए भेजे जाने वाली लोकेशन प्रक्रिया को बंद करना।
- उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध करवाना व बीज के लिए अधिक बजट राशि दिया जाना।
- नई फील्ड नहर लहंगेवाला से डबवाली, नेजाडेला से हांडीखेड़ा व वेदवाला से सिकंदपुर रंगोई में मिलाया जाना।
- नगर परिषद, डीएमसी व ठेकेदारों की मिलीभगत से हो रही अवैध कालोनियों पर बोगस एस्टीमेट के घोटाले को बंद करना।
- राजस्व विभाग में पटवारियों की कमी को पूरा करना।
- नाथूसरी चौपटा में सेमग्रस्त भूमि की समस्या का स्थाई समाधान किया जाना।
- काटे गए पीले कार्ड को फिर से बनाया जाना।
- परिवार पहचान पत्र में त्रुटियों को ठीक करने की प्रक्रिया का सरलीकरण करना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें