सिरसा। मनोज अठवाल कुत्ते के काटने की जगह दिखाते। संवाद
सिरसा। शहर में आमजन से लेकर नगर परिषद के सफाई कर्मचारी भी आवारा कुत्तों के काटने से परेशान हैं। मंगलवार को नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान मनोज अठवाल भी आवारा कुत्तों का शिकार बन गए। उन्होंने भी नगर परिषद कार्यालय में आकर आवारा कुत्तों के समाधान की मांग की और कर्मचारियों की सुरक्षा पर चिंता जताई।
शहरवासियों और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए नगर परिषद प्रशासन ने कुत्तों के बधियाकरण का टेंडर लगाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। जल्द ही कुत्तों के बधियाकरण के लिए टेंडर लगाया जाएगा। नगर परिषद के आकलन के अनुसार 10 हजार के आसपास कुत्ते हैं। हर गली और मोहल्ले में कुत्तों की भरमार है और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
आंकड़ों के अनुसार, अभी तक बधियाकरण करने वाली टीम ने टेंडर के तहत 3,935 कुत्तों का बधियाकरण किया है। ऐसे में करीब छह हजार कुत्तों का बधियाकरण बाकी है। फिलहाल प्रजनन का समय होने के कारण इनकी तादाद बड़ी संख्या में बढ़ रही है। ऐसे में बेसहारा पशुओं की तरह आवारा कुत्तों के लिए कोई अलग व्यवस्था करनी पड़ेगी।
कई सफाई कर्मचारी हो चुके घायलप्रधान ने मनोज अठवाल ने बताया कि सफाई कर्मचारियों के सुबह के समय गलियों व बाजारों में सफाई करना आसान नहीं है। अकेला पुरुष या महिला कर्मचारी एक गली में सफाई नहीं कर सकती है। दो से तीन कर्मचारियों को संयुक्त रूप से मिलकर काम करना पड़ता है। मंगलवार को उन्हें भी स्काउट चौक के पास कुत्ते ने काट लिया। ऐसे में वह उपचार करवा रहे हैं। गर्मियों में कुत्ते ज्यादा हिंसक होते है और सबसे ज्यादा कुत्तों के काटने के मामले आते हैं। वहीं, सर्दियों में अचानक कुत्ते हमला करते हैं। इससे कई सफाई कर्मचारी घायल हो चुके हैं। हमारी प्रशासन से मांग है कि इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाए।
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कुत्तों के बधियाकरण के लिए जल्द ही दोबारा से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शहरवासियों के साथ-साथ सफाई कर्मचारी भी इन कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। शहर में आकलन के अनुसार 10 हजार के करीब कुत्ते हैं। पूर्व में टेंडर लगाकर 3,935 कुत्तों का बधियाकरण करवाया गया था।
- जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद