चोपटा। मंगलवार की शाम को गुडियाखेड़ा माइनर में ओवरफ्लो होने पर दरार आ गई। इससे करीब आठ एकड़ नवअंकुरित गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने इसकी सूचना नहरी विभाग के अधिकारियों को दी जिसके बाद पानी बंद करवाकर दरार को पाटने का कार्य शुरू करवाया गया।
गुडियाखेड़ा माइनर में किसानों ने नहरी विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब से माइनर बना है उसके बाद आज तक उक्त माइनर की मरम्मत का कार्य नहीं हुआ है, जिसके कारण जगह-जगह लीकेज बने हुए हैं वहीं सफाई भी लंबे समय ने नहीं हो पाई है। इस वजह से मंगलवार की शाम को पूर्णाराम बीरड़ा के खेत में अचानक ऑवरफलो होकर माइनर में दरार आ गई। देखते ही देखते करीब 25 फुट लंबी दरार आ गई। इस वजह से पूर्णाराम की चार एकड़, हरदेवाराम की दो एकड़, जयकिशन व रामस्वरूप की एक-एक एकड़ नव अंकुरित गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। उक्त किसानों का कहना है कि नहरी विभाग की लापरवाही की वजह से उनकी फसल नष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि अब उन्हें दोबारा से फसल की बिजाई करनी पड़ेगी जिससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान होगा।
माइनर की मरम्मत का एस्टीमेट भेजा हुआ है : एसडीई
नहरी विभाग के एसडीई दीपक खाटिया ने बताया कि माइनर को पाटने का कार्य पूरा करवा दिया गया है वहीं माइनर की मरम्मत का एस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा हुआ है जल्द ही उसकी मंजूरी मिल जाएगी जिसके बाद मरम्मत के कार्य का टेंडर करवा दिया जाएगा। इसके अलावा मनरेगा मजदूरों के खेतीबाड़ी के कार्य में व्यस्त होने के कारण माइनर की सफाई नहीं हो पाई थी। अब जल्द ही सफाई भी करवा दी जाएगी।