गेहूं का उठान नहीं होने से शुक्रवार को मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़े गेहूं के साढे़ पांच लाख से भी अधिक कट्टे भीग गए। बृहस्पतिवार को हैफेड ने एक लाख बोरी गेहूं की खरीद की थी, पूरे दिन में उठान मात्र पंाच हजार बोरी ही हुआ है।
मंडी में सरकारी खरीद एजेंसियां सवा आठ लाख बोरियां गेहूं की खरीद कर चुकी हैं। उठान ढाई लाख बोरियों का ही हो पाया है।
ठेकेदार के पास ट्रकों की कमी है। पूरे दिन में 25 हजार बोरियों से ज्यादा नहीं उठाया जा रहा है। ऐसे में आढ़ती और किसान परेशान हैं, दो बार उपमंडलाधीश सुभाष श्योराण, दो बार हैफेड के जिला प्रबंधक सुरेश जावा व हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के जिला प्रबंधक मंडी का दौरा कर ठेकेदार को उठान में तेजी लाने की चेतावनी दे चुके है।
मार्केट कमेटी के सचिव और खरीद एजेंसियों के अधिकारी नोटिस भी निकाल चुके हैं पर सारी चेतावनी और नोटिस बेअसर साबित हुए हैं। ठेकेदार की लापरवाही के कारण मौसम को देखते हुए करोड़ों रुपये का सरकारी गेहूं खराब होने के कगार पर है।
ठेकेदार महाबीर बागड़ी का कहना है कि असल में आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष अपनी व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते उठान में रोड़ा बने हुए हैं। ठेकेदार ने मार्केट कमेटी के सचिव और कार्यकारी अधिकारी निहाल सिंह गोदारा को भी लिखित शिकायत की है कि आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष तीनों एजेंसियों की गेट पास बुक अपने कब्जे में किए हुए हैं।
लोड ट्रकों को घंटों तक गेट पास नहीं दिया जाता। अपने चेहते आढ़तियों की दुकानों से ही ट्रक भरवाए जा रहे हैं। अन्य दुकानों से ट्रक भरने पर रोक लगा रखी है। इन दिनों ट्रकों की जरूरत हर मंडी में है। रानियां में अध्यक्ष की ओर से ही व्यवस्था बिगाड़ने के कारण ट्रक ऑपरेटर अन्य मंडियों की ओर रुख कर रहे हैं।
उन्होंने शुरुआत में ही 18 अप्रैल को लिखित पत्र देकर खरीद एजेंसियों से पूछा था कि कितने गेहूं का भंडार कहा किया जाएगा। उसी अनुसार ट्रकों की व्यवस्था की जाए। खरीद एजेंसियों ने आज तक इसका जवाब नहीं दिया है। अब भी अगर उन्हें फ्री हैंड दिया तो एक सप्ताह में मंडी खाली कर देंगे।
आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष गोबिंद पोपली ने ठेकेदार के आरोपों को नकारते हुए कहा कि गेट पास खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की ओर से ही काटे जा रहे हैं। असल में ठेकेदार के पास ट्रक ही नहीं है, जो ट्रक उठान में लगे हुए हैं।
उनका इंतजाम भी आढ़ती एसोसिएशन ने ही किया है। ठेकेदार के ट्रक तो आढ़तियों से चार रुपये प्रति बोरी रिश्वत मांगते हैं। जो गेहूं पहले खरीदा गया है, उसका उठान पहले होना चाहिए। मगर ठेकेदार इस व्यवस्था को तोड़ना चाहता है।
मार्केट कमेटी के सचिव और कार्यकारी अधिकारी निहाल सिंह गोदारा ने कहा कि ठेकेदार ने आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत की है। मूल प्रति उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। आढ़तियों ने धीमे उठान की शिकायत की है। ठेकेदार व खरीद एजेंसियों को नोटिस भेजकर गेहूं उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं और उच्चाधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है।