- किसी डिजिटल कांटे की नहीं मिली बैटरी, अधिकारियों ने लगाई फटकार, एसडीएम से लेकर मार्केट कमेटी सचिव ने जांचा अपना वजन
- आढ़ती से लेकर अधिकारी तक को एसडीएम ने दी चेतावनी
फोटो - 24, 25
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मौसम में बदलाव ने अधिकारियों की जहां मॉनिटरिंग मंडियों में बढ़ा दी है वहीं कई चौंकाने वाली चीजें सामने आ रही हैं। नमी मीटर में अलग-अलग पॉइंट दिखाने से अधिकारी से लेकर किसान तक असमंजस में हैं। वहीं, डिजिटल कांटों को लेकर लापरवाही साफ नजर आ रही है। कहीं कांटा बंद है तो कहीं उसकी बैटरी गायब है। इस पर एसडीएम ने अधिकारियों से लेकर आढ़तियों तक को फटकार लगाई।
अधिकारियों का निरीक्षण मंडियों में बड़े स्तर पर गेहूं आने के साथ ही शुरू हो गए हैं। सभी मंडियों में बड़े स्तर पर शनिवार को गेहूं आया। दो दिनों के अंदर सभी मंडियां गेहूं से अट जाएंगी। वहीं, नमी को लेकर उलझन अब भी बनी हुई है।
लास्टर लॉस को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं आई हैं। ऐसे में गेहूं की खरीद का आधार महज 12 प्रतिशत नमी है। मंडी में शनिवार को जो दो अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान हुआ वह बेहद हैरान करने वाला रहा।
डीएफएससी विभाग और मार्केट कमेटी के नमी मीटर में मिला दो पॉइंट का अंतर
डीएफएससी ने शनिवार को न्यू एडिशनल मंडी में निरीक्षण किया। एक ही ढेरी पर अलग-अलग मॉइस्चर मीटर से अलग-अलग नतीजे देखने को मिले। किसानों और खरीद एजेंसियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई। शहर की न्यू एंडीशनल मंडी में गांव फूलकां निवासी किसान माड़ू राम जब अपनी गेहूं की फसल लेकर पहुंचा तो नमी जांच में बड़ा अंतर सामने आया। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक हरवीर सिंह की मौजूदगी में खाद्य आपूर्ति विभाग के मॉइस्चर मीटर में नमी 13.1 फीसदी दर्ज की गई जबकि मार्केट कमेटी के मीटर में यही नमी 11 फीसदी बताई गई। इसको लेकर अधिकारी भी हैरान रह गए। वहीं, किसानों और आढ़तियों ने इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की। मामले को संभालते हुए डीएफएससी हरवीर सिंह ने कहा कि अलग-अलग माॅइचर मीटर के आधार को ध्यान में रखते हुए किसान हित में निर्णय लिया जाएगा।
सफाई के बाद ढेरियों में नमी ज्यादा मिलने पर लगाई फटकार
एसडीएम राजेंद्र कुमार ने दोपहर के समय मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान मार्केट कमेटी सचिव वीरेंद्र मेहता सहित अन्य कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने खरीद एजेंसियों को साफ-सफाई और पूरी पारदर्शिता के साथ खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर ही बिना साफ की गई और साफ की गई गेहूं की ढेरियों का मॉइस्चर यानी नमी मीटर से जांच करवाई। हैरानी की बात रही कि सफाई के बाद भी नमी गेहूं में अधिक मिलने पर उन्होंने कर्मचारियों हिदायत देते हुए कहा कि साफ अनाज में नमी कम होनी चाहिए। इसमें नमी ज्यादा कैसे है। मीटरों को दुरुस्त करें। वहीं, अधिकारी मौके पर एसडीएम को सफाई देते हुए नजर आए लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी।
एसडीएम ने खुद डिजिटल कांटे पर तौला अपना वजन
मंडी के अंदर एसडीएम राजेंद्र कुमार ने डिजिटल कांटे जाने तो परिणाम बेहद नकारात्मक देखने को मिले। आढ़तियों की ओर से इन कांटों को लेकर कोई गंभीरता नजर नहीं आई। पहले ही कांटे की बैटरी चार्ज नहीं मिलने पर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए आढ़ती व अधिकारियों को फटकार लगाई। आढ़तियों ने चार्जर तक कांटे पर नहीं लगाया हुआ था। उन्होंने आदेश दिए कि हर कांटे की बैटरी चार्ज होनी चाहिए। भविष्य में ऐसी लापरवाही मिली तो जुर्माने की कार्रवाई होगी। अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इसके उपरांत उन्होंने पहले मार्केट कमेटी सचिव वीरेंद्र मेहता को अपना वजन तौलने को कहा। सचिव ने अपना वजन जांचा। उसके बाद एसडीएम स्वयं कांटे पर चढ़े और अपना वजन तौले। उन्होंने कहा कि हर कांटे की जांच अधिकारी अपनी मौजूदगी में प्रतिदिन करेंगे। जब तेजी से गेहूं आएगा तो उस समय बड़े स्तर पर गड़बड़ी होने की आशंका बनी रहेगी। इसलिए सभी को गंभीरता के साथ काम करना होगा। वहीं, आढ़तियों को कहा कि वे इस संबंध में कोई लापरवाही न बरतें।
मंडियों में आवक तेजी से बढ़ी
सिरसा मंडी के साथ साथ जिले की मंडियों में गेहूं की आवक तेजी से बढ़ गई है। अधिकारियों की मानें तो सोमवार तक कई मंडियों में गेहूं को लेकर जगह की समस्या भी पैदा हो सकती है। सिरसा में बाईपास पर मंडी में खरीद शुरू कर दी गई है। इसके साथ-साथ मंडियों में ट्रैक्टरों की बड़ी लाइनें भी देखने को मिल सकती हैं क्योंकि ऑनलाइन सिस्टम से सबकुछ होना है। तापमान बढ़ोतरी के साथ साथ मंडियों में गेहूं आएगा और नरमा व कपास की बिजाई करने वाले किसान तेजी से गेहूं के खेतों को साफ करने में लग जाएंगे।