सिरसा। पिछले दो दिनों से बादलवाही और बूंदाबांदी के बाद मंगलवार सुबह धुंध छाई। दृश्यता करीब 50 मीटर रही और ठंड भी रही। मौसम बदलने से किसानों के चेहरों पर भी चिंता की लकीरें छा गई गई है। बारिश से सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान का अंदेशा है। जहां एक ओर सरसों की फसल मंडी तक पहुंचने लगी है वहीं दूसरी ओर गेहूं की फसल भी पक कर तैयार है। लेकिन तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि होती है तो नुकसान होने का अंदेशा है।
मंगलवार सुबह ग्रामीण इलाकों में धुंध छाई रही। जिले के डिंग, चोपटा, कालांवाली, रोड़ी, डबवाली, ऐलनाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में धुंध छाई रही। दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। सुबह के समय बादलवाही से अंधेरा छाया रहा। हालांकि सुबह सात बजे के करीब कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। सुबह 11 बजे के बाद सूर्य देवता ने दर्शन दिए और धूप निकली तो लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद मौसम साफ हो गया। दोपहर के समय गर्मी ने भी परेशान किया। हालांकि वाहन चालकों को तेज और शीत हवा ने परेशान किया।
आगामी दो-तीन दिन भी हो सकती है बूंदाबांदी
मौसम विभाग की ओर से अंदेशा जताया गया है कि आगामी दो-तीन दिन भी बूंदाबांदी हो सकती है। ऐसे में किसान परेशान हैं। क्योंकि सरसों की फसल मंडी में पहुंचने लगी है। दूसरी ओर गेहूं की फसल खेतों में तैयार खड़ी है। किसान जगदेव सिंह, जगरूप सिंह, राम सिंह, जग्गा, रूप राम ने बताया कि यदि तेज हवा चली तो गेहूं की फसल बिछ सकती है और भारी नुकसान होगा। इसके अलावा बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। किसान बताते हैं कि मंडियों में सरसों की फसल जाने लगी है, इसलिए ये भी चिंता है कि कहीं भारी बारिश से फसल खराब न हो जाए क्योंकि नमी के कारण फसलों के सही भाव भी नहीं मिल पाएंगे।
अचानक बदले मौसम से बिगड़ने लगी सेहत
तापमान में बढ़ोतरी होने से लोगों ने गर्म कपड़े पहनने छोड़ दिए थे। लेकिन अब फिर मौसम ठंडा हो गया है। ऐसे में अब अचानक मौसम बिगड़ने से लोग बीमार होने लगे हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री था जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया था। न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है।