- शिक्षा विभाग ने लिखा इन सभी में रेन वॉटर हॉरवेस्टिंग की जरूरत
- ऐलनाबाद और बड़ागुढ़ा में सबसे ज्यादा स्कूल
- एडीसी की गंभीरता के बाद प्रशासन जागा
- कब बनेगा और कब लगेंगे रेन वॉटर हॉरवेस्टिंग
- 10 माह से नहीं उठाया कोई कदम, पिछले साल बारिश के बाद भी बनी थी सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले के कई सरकारी स्कूलों में बारिश में जलभराव हो जाता है। इन स्कूलों की समस्या का समाधान करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जाता है। हाल ही में अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने सरकारी स्कूलों में होने वाले जलभराव और रेन वॉटर हॉरवेस्टिंग की सूची मांगी तो पता चला कि जिले के 34 स्कूलों में जलभराव के हालात पैदा होते हैं। इनमें सिरसा शहर के चार स्कूल भी शामिल हैं।
इतना ही नहीं, खैरपुर स्कूल भी इस सूची में शामिल है। यहां के बच्चे विज्ञान में अपना लोहा मनवाते हैं। स्कूल के अंदर रेन वॉटर हॉरवेस्टिंग तक नहीं है। इसी प्रकार के हालात जिले के अलग-अलग ब्लॉकों से सामने आए हैं। मानसून गए 10 माह का समय बीत चुका है और शिक्षा विभाग व प्रशासन ने कोई ठोस कदम इस दिशा में नहीं उठाया। अब 15 जून तक प्री मानसून का दौर शुरू हो जाएगा। एक बार फिर इन स्कूलों में बच्चों को बारिश में जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ेगा।
ये हैं जलभराव वाले सरकारी स्कूल
बड़ागुढ़ा
जीएसएसएस खाईशेरगढ़
जीएमएस लहंगेवाला
जीएसएसएस मत्तड़
जीपीएस बुर्ज कर्मगढ़
जीएमएसपीएस बड़ागुढ़ा
जीजीएमएस बप्पां
जीएचएस कुरंगावाली
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डबवाली
जीजीपीएस अबुबशहर
जीजीपीएस शेरगढ़
जीएमएसपीएस खुईयामलकाना
जीएसएसएस मांगेआना
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ऐलनाबाद
केजीबीवी धोलपालिया
जीएमएसएसएस ऐलनाबाद
जीजीएसएसएस ऐलनाबाद
जीएचएस दमदमा
जीपीएस ढाणी मिठनपुरा
जीजीपीएस वार्ड 6 ऐलनाबाद
ओढ़ां
जीपीएस कालांवाली मंडी
जीएमएस किंगरे
जीएसएसएस देसू मलकाना
जीपीएस धर्मपुरा
चोपटा
जीएमएसएसएसएस जमाल
रानियां
जीएमएसएसएसएस रानियां
जीएसएसएस मोजदीन
जीएसएसएस नकोडा
जीएमएस अभोली
जीजीएमएस एनडब्ल्यू रानियां
सिरसा
जीएसएसएस खैरपुर
जीएसएसएस कीर्ति नगर
जीएसएमएस नंबर 2 सिरसा
जीएसएसएस नेजाडेला कलां
जीपीएस शहीदांवाली
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शहरी क्षेत्र में भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है और शहरी क्षेत्र के स्कूलों के हालत भी किसी से छिपे नहीं हैं। तीन स्कूल सिरसा शहर के हैं जो जलभराव के शिकार होते हैं। इन स्कूलों को लेकर भी प्रशासन अब तक कोई कदम नहीं उठा पाया है। कीर्ति नगर में बारिश के दिनों में जलभराव सबसे ज्यादा होता है। खैरपुर के भी यही हालात हैं। जहां नगर परिषद प्रशासन बरसाती लाइन बिछाने में लगा है। शिक्षा विभाग ने इनमें रेन वॉटर हॉरवेस्टिंग तक की व्यवस्था नहीं की। अब जब सिर पर मानसून आने वाला है तो सभी को जलभराव की याद आ गई है।
कोट्स
सरकारी स्कूलों में जलभराव को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त ने जानकारी मांगी थी। उसी जानकारी के आधार पर 34 स्कूलों में जलभराव होता है। उनमें रेन वॉटर हारवेस्टिंग लगाने की जरूरत है।
-मनोज कुमार, एपीसी, समग्र शिक्षा