शहर की जनता को अब जलभराव की समस्या का सामना नहीं करना होगा। सरकार ने जल निकासी की योजना स्टॉर्म वाटर ड्रैनेज के लिए 28.21 करोड़ की राशि मंजूर कर ली है। जल्द ही इसके टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। साथ ही नगर के पार्कों के जीर्णोद्धार के लिए 5.83 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर हुई है।
शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में चेयरपर्सन रीना सेठी ने कहा कि उनका दो माह का कार्यकाल पूरा हो चुका है। स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के लिए सरकार ने 28.21 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए कार्यकारी अभियंता अजय पंघाल और परिषद के अधिकारी चंडीगढ़ में डेरा डाले हुए थे। उन्होंने बताया कि नगर के पार्कों के जीर्णोद्धार के लिए भी सरकार ने 5.83 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। उन्होंने बताया कि स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
वहीं, कार्यकारी अभियंता अजय पंघाल ने बताया कि रेलवे लाइन पार जलनिकासी के लिए अमरूत योजना के तहत दिल्ली पुल तक लाइन डाली गई है, यानि आधे नगर को इस योजना के तहत जलभराव से छुटकारा मिलेगा। रेलवे लाइन की दूसरी ओर 28.21 करोड़ रुपये की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत कार्य होगा और इस योजना के तहत अंडर ग्राउंड लाइन डालकर पानी घग्गर नगर में डाला जाएगा। इस कार्य में नगर परिषद, जलस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग और पीडब्ल्यूडी बीएंडआर तीनों आपस में तालमेल के साथ कार्य करेंगे ताकि कोई समस्या हो तो उसका तत्काल समाधान हो। इस मौके पर कार्यकारी अभियंता अमित पंघाल, सेनेटरी इंस्पेक्टर पवन कंबोज, पार्षद सुनीता रानी, रोहताश वर्मा, पार्षद प्रतिनिधि सुनील कुमार, अमित सोनी, नीरू बजाज मौजूद थे।
15 अक्टूबर 2020 को हुआ था सर्वे
शहर में बाजारों और कालोनियों में होने वाले जलभराव को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने 2020 में 28 करोड़ रुपये के स्टार्म ड्रेनेज सिस्टम की फाइल अप्रूव की थी। इसके लिए 15 अक्टूबर 2020 को सिरसा में तीन दिन तक सर्वे किया गया था। सर्वे पूूरा होने के बाद प्लान अप्रूव होकर चंडीगढ़ मुख्यालय चला गया था। सर्वे अनुसार बाजारों का पानी जनता भवन रोड से घग्गर नदी में ले जाया जाएगा। जनता भवन रोड पर डिस्पोजल सेंटर बनाया जाना है।