सिरसा। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के पास जल जीवन मिशन के तहत पानी में बैक्टीरिया जांच के लिए एफटीके किट आ चुकी हैं। किट के माध्यम से 24 घंटे में बैक्टीरिया जांच कर रिजल्ट आ जाएगा। अगर रिजल्ट फेल आता है तो विभाग अधिकारी पानी के सैंपल लेकर लैब में भेजे जाएंगे। विभाग ने 7 खंडों में 80 हजार 700 सैंपल लेेने का टारगेट रखा है।
जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की ओर से जिले के 338 गांवों में सैंपल लेने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के दौरान गांवों में विभिन्न जगहों से सैंपल भरकर बैक्टीरिया जांच की जाएगी। विभाग के पास नागपुर से पानी जांच के लिए 80700 किट पहुंच चुकी है। जिला मुख्यालय की ओर से प्रत्येक खंड को 1100 किट दी गई है। जिले के 338 गांवों में से प्रत्येक गांव में 14 एफटीके किट दी जाएंगी। एक गांव में 5 महिलाओं को किट के लिए ट्रेंनिंग देना अनिवार्य है ताकि महिलाएं किट से सैंपल भर सकें। गांव में दो स्कूल, 1 आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी कार्यालयों व अन्य जगहों से सैंपल भरे जाएंगे। इस काम में महिलाओं के साथ गांव के सरपंच, पंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और गांव मौजिज लोग मदद करेंगे।
इस तरह से रहेगी प्रक्रिया
किट की छोटी बोतल में वाटर सप्लाई के दौरान पानी भरकर रखा जाता है। 24 घंटे में पानी का रंग अगर काला हो जाता है तो इसमें बैक्टीरिया है। अगर पानी का रंग बदलता नहीं है तो वह पानी शुद्ध है। सैंपल के दौरान अगर कोई पानी काला हो जाता है तो विभाग के संबंधित अधिकारी दोबारा से पानी के सैंपल को भरवाएंगे और उसे जांच के लिए लैब में भेजेंगे। कई बार कुछ बैक्टीरिया हानिकारक नहीं होते है। लेकिन किट में हर प्रकार के बैक्टीरिया आएंगे।
यह बरतनी होगी सावधानी
पानी के सैंपल भरने से पहले यह ध्यान देना जरूरी है कि पानी की सप्लाई चलती हो। टेस्ट करने से पहले हाथ अच्छे से धुले हुए होने जरूरी है। तापमान सामान्य 30 से 35 के बीच का होना चाहिए। अगर कोई सैंपल ले रहा है तो वह दूसरी किसी टोंटी पर हाथ न लगाएं। कहीं ओर हाथ लगाने से उसके बैक्टीरिया हाथों में आ जाते है, जिससे सैंपल फेल हो जाता है।
जिले के 338 गांवों के पानी में बैक्टीरिया जांच के लिए अभियान चलाया गया है। पानी में जांच का काम एफटीके किट के माध्यम से किया जाएगा। जिले में 80700 सैंपल लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। - राकेश सोगलान, जिला सलाहकार जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन, सिरसा।