गांव के जल घर की डिग्गियां खाली, पानी सप्लाई बंद, ग्रामीण खरीद कर पी रहे हैं पानी टैंकर चालक 1000 से 1300 रुपए वसूल रहे, फोटो - 22
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। ऐलनाबाद क्षेत्र का जमाल पढ़ा-लिखा और अधिकारियों वाला गांव है। एचसीएस से लेकर अन्य सरकारी विभागों में बड़े पदों पर यहां के लोग लगे हुए हैं। इसके बाद भी गांव में पेयजल संकट बना रहता है। गांव के लोगों के प्रदर्शन करने और आंदोलन करने पर ही उन्हें पानी की सप्लाई उपलब्ध हो पाती है। हर साल इसी प्रकार इस गांव के लोगों को त्रस्त होना पड़ता है।
गांव जमाल में करीब 15000 लोग रहते हैं। मौजूदा समय में जलघर की डिग्गियां खाली पड़ी हैं। ग्रामीण खरीद कर पानी पी रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो प्रति टैंकर के हिसाब से 1000 से 1300 रुपये देने पड़ रहे हैं। वह भी नहरों से भरकर ले जाते हैं। इनमें पानी गंदा और दूषित होता है। इससे गांव में बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव जमाल के नजदीक की नहरों में पानी नहीं है। टैंकर चालक करीब 15 किलोमीटर दूर से पानी लेकर आ रहे हैं। इससे वह किराया भी अधिक वसूल रहे हैं। राजस्थान की सीमा पर बसे हरियाणा के 15000 की आबादी और 20 वार्डों वाले गांव जमाल में पिछले 15 -20 दिनों से पेयजल किल्लत चल रही है।
ग्रामीण विक्रम शर्मा, देवीलाल, संदीप कुमार, अशोक कुमार ने बताया कि गांव के जलघर में बनीं चार डिग्गियां खाली पड़ी हैं। इससे पानी सप्लाई नहीं हो पा रही है। पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। गांव में टैंकर चालक 1000 से 1300 रुपए वसूल करते हैं। वह भी आसपास से गुजरने वाली नहरों से गंदा और दूषित पानी रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि जमाल सिरसा जिले के बड़े गांव में शुमार है। आबादी को देखते हुए इस भयंकर गर्मी में पानी की कमी हो गई है। बताया कि पिछले कई दिनों से नहरों में पानी नहीं पहुंचने के कारण जहां एक और फसलें बिजाई नहीं हो रही हैं। वहीं, जलघर में पीने के पानी की समस्या विकराल बनी हुई है। गांव से जलघर से पीने के पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। जरूरत का पानी पीने के लिए ग्रामीण टैंकरों से पानी डलवा रहे हैं।
वर्ष 2023 में टंकी पर चढ़कर करना पड़ा था प्रदर्शन
अगस्त 2023 में पीने के पानी की समस्या को लेकर गांव के दो ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। एक सप्ताह के बाद अधिकारियों के आश्वासन देने के बाद ग्रामीण टंकी से नीचे उतरे थे। उस समय में राजनीतिक लोगों ने ग्रामीणों को जाकर उनकी समस्या का स्थायी समाधान करने का आश्वासन दिया था। यह पूरा नहीं हुआ।
जल्द हो सकता है आंदोलन
ग्रामीणों के अनुसार, यदि पीने के पानी को लेकर व्यवस्था नहीं सुधरती है तो आंदोलन की तैयारी की जाएगी। एक बार फिर पानी के लिए आंदोलन करने को लेकर लोग तैयार हैं। इस बार प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन से ग्रामीण अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
फोटो। जमाल जलघर में सूखीं डिग्गियां