बडागुढ़ा। लक्कड़ांवाली में टेल पर रोष प्रदर्शन करते किसान। (संवाद)
बडागुढ़ा। लक्कड़ांवाली माइनर के टेल पर पड़ने वाले गांव लक्कड़ांवाली के किसानों ने सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी न मिलने के कारण रविवार को टेल पर जमा होकर विरोध जताया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की। किसानों का कहना था कि वे पिछले काफी समय से अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
किसान नायब सिंह, दर्शन सिंह, गुरबचन सिंह, भूपेंद्र सिंह, त्रिलोक सिंह, गुरचरण सिंह व पवन कुमार आदि ने बताया कि टेल पर पर्याप्त मात्रा में पानी न होने से उन्हें सिंचाई पानी से वंचित रहना पड़ रहा है। पानी के अभाव में किसानों के अधिकांश खेत खाली पड़े हैं। भूमिगत जल फसलों के लिए उपयुक्त न होने के चलते वे बोरवेल का पानी भी नहीं इस्तेमाल कर सकते। किसान फसल तो दूर हरा चारा भी नहीं बो सकते। किसानों ने बताया कि यह माइनर गांव भादड़ा के निकट मम्मड़ ब्रांच से निकलती है और लक्कड़ांवाली में इसकी टेल पड़ती है।
माइनर में पाइप डालकर करते हैं पानी की चोरी
किसानों का कहना है कि रास्ते में दूसरे गांवों के लोग माइनर में पाइप डालकर पानी चोरी करते हैं। ऊपर से जगह-जगह टैंकरों से पानी उठा लिया जाता है। एक तो वैसे भी माइनर में पानी कम है और दूसरा इसकी लंबे समय से सफाई भी नहीं हुई। ऐसे में अंतिम छोर पर पड़ने वाले किसानों को पानी नहीं मिलता। उक्त माइनर पर लक्कड़ांवाली में तीन टेल व चार गांव पड़ते हैं। इसमें टेल पर पड़ने वाले गांव लक्कड़ांवाली, आनंदगढ़, ख्योवाली व दौलतपुर खेड़ा सहित चार गांवों के किसानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उक्त टेलों के अधीन तकरीबन तीन हजार एकड़ रकबा पड़ता है, जिनमें सिंचाई पानी की समस्या है। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे पानी के अभाव में रबी की फसल की बिजाई कैसे करेंगे। माइनर में पीछे से मोघे की मशीन भी जर्जर है। किसानों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित विभाग के अधिकारियों के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
मेरे हिसाब से माइनर में पानी की कोई दिक्कत नहीं है। ये समस्या पिछले करीब एक सप्ताह से आई है। इसका कारण सफाई न होना है। मनरेगा के तहत सफाई करवाना बंद है। मैंने इस बारे में जेई से जानकारी ली है। अगले सप्ताह देखते हैं कि समस्या किस तरह से आ रही। इसका समाधान करवाएंगे।
रघुवीर शर्मा, जेई, सिंचाई विभाग।