संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पंजाब क्षेत्र से हर रोज दो हजार क्यूसेक पानी घग्गर नदी के माध्यम से ओटू हेड में पहुंच रहा है। इसमें काफी मात्रा में जलकुंभी भी बहकर आ रही है, जिसने सिंचाई विभाग की परेशानी को बढ़ा दिया है। जलकुंभी को निकालने के लिए सिंचाई विभाग ने राजस्थान की तरफ के गेट फिर से खोल दिए है। इस पर किसानों ने रोष जताया है। किसानों का कहना है कि पहले विभाग ने गेट बंद किए थे, लेकिन अब फिर से गेट खोल दिए हैं।
समय से पहले घग्गर में पानी आने के कारण पहले पंजाब और अन्य जिलों में जलकुंभी को नहीं निकाला गया। इसके कारण घग्गर नदी में पानी के बहाव कम हो रहा है। विभाग ने पानी को ओटू हेड से राजस्थान की तरफ छोड़ दिया है। इसके अलावा मजूदरों के माध्यम से भी पुलों के पिलरों से जलकुंभी को निकाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना कि अगर जलकुंभी को अभी नहीं निकाला गया तो बांध टूटने का खतरा भी बना रहेगा। मानसून के समय में घग्गर का जलस्तर 30 हजार क्यूसेक से अधिक पहुंच जाता है। हालांकि 25 हजार क्यूसेक के करीब घग्गर नदी की क्षमता है।
अधिकारी राजस्थान के किसानों को पहुंचा रहे हैं लाभ
किसान बलदेव ज्याणी, सिकंदर सिंह, तरेसम सिंह, राजकुमार, चमकौर सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारी राजस्थान के किसानों को लाभ पहुंचा रहे हैं। अब गर्मी पड़नी शुरू हो गई है। दो से तीन दिनों में फसलों की सिंचाई का काम भी शुरू हो जाएगा।
वर्जन
पंजाब से घग्गर में बहकर आई जलकुंभी को ओटू से निकालने के लिए राजस्थान की तरफ पानी छोड़ा गया है। जलकुंभी के निकलते ही राजस्थान के गेट बंद कर दिए जाएंगे। अभी कई नहरों में पानी छोड़ा गया है। किसानों को अभी पानी की आवश्यकता नहीं है। दो हजार क्यूसेक पानी घग्गर से ओटू में पहुंच रहा है। -अदीप हुड्डा, एक्सईएन, घग्गर ब्रांच, सिंचाई विभाग सिरसा ।