सिरसा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सिरसा में जनसंवाद कार्यक्रम का विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी वाले सरपंचों व किसानों को पुलिस ने पहले ही नजर बंद कर दिया। पुलिस ने जिले में अलग-अलग गांवों में सुबह साढ़े छह बजे ही दस्तक दे दी और बाहर जाने से मना कर दिया। यहां तक की उनके मोबाइल फोन भी बंद करवा दिए। एक किसान नेता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप और सरपंच एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने व विरोध करने की चेतावनी दी थी। जिसके चलते पुलिस ने पहले ही एसोसिएशन के मुख्य सदस्यों पर नजर रखनी शुरू कर दी। सरपंच एसोसिएशन की प्रदेश उपप्रधान संतोष बैनीवाल को पुलिस ने सुबह साढ़े छह बजे उसके ही फार्म हाउस पर घेराबंदी कर दी। ऐलनाबाद सरपंच एसोसिएशन के जसकरण कंग के घर पर सुबह साढ़े छह बजे पुलिस ने दस्तक दे दी। देर रात सात बजे तक उनके घर पर पुलिस बल तैनात रहा ।
किसान नेता मैक्स साहुवाला को पुलिस ने हिरासत में लिया, धरना देने के बाद छोड़ा
किसान नेता मैक्स साहुवाला को पुलिस ने सुबह साढ़े छह बजे ही हिरासत में ले लिया। सूचना मिलने के बाद किसान नेता भड़क उठे और रोड पर धरना लगाकर बैठ गए । मामले की सूचना मिलने के बाद डीएसपी कुलदीप बैनीवाल व सुरक्षा प्रभारी सुभाष कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों को वहां से हटाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री के आने से पहले ही सभी किसानों की घेराबंद कर दी गई। पुलिस ने किसानों को गिरफ्तारी देने या मुख्यमंत्री से बातचीत करने को लेकर मशवरा दिया। किसान ने किसान नेताओं को छोड़ने और मुख्यमंत्री से बातचीत करवाने पर सहमति जताई। किसान नेता भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने कहा कि वह किसानों से संबंधित 15 मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते हैं।
साहुवाला के पास धरने पर बैठे किसानों की घेराबंदी करते हुए पुलिस जवान । संवाद