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किसी ने नौकरी के लिए एक भी रुपया लिया हो, तो बताओ तो 24 घंटे के भीतर पार कर दूंगा : सीएम

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कालांवाली में लोगों के साथ जनसंवाद करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।  संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछले साढ़े आठ वर्षों के दौरान प्रदेश में सरकार का ध्येय रहा है कि अंत्योदय की भावना से जरूरतमंदों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए। वे स्वाभिमान के साथ अपना माथा ऊंचा और सीना चौड़ा करके चल सके। उन्होंने यह बात शनिवार को सिरसा जिला में अपने जन संवाद कार्यक्रम के तहत कालांवाली के आंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के साथ अपने कार्यकाल की तुलना करते हुए यह भी पूछा कि अगर वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसी ने नौकरी के लिए एक भी रुपया लिया हो, तो बताओ तो उसको मैं 24 घंटे के भीतर पार कर दूंगा। मुख्यमंत्री ने जनसंवाद में पहुंचे क्षेत्रवासियों की सिलसिलेवार मांग भी सुनी और उनके समाधान के निर्देश भी दिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने गांव कालांवाली में लाइब्रेरी खोलने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर किया। इसी तरह गांव जलालआना से व्यक्ति ने बस सेवा न होने के अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने जीएम रोडवेज को जलालआना से ओढ़ा तक सोमवार से बस सेवा आरंभ करने के निर्देश दिए।
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सिंचाई को बेहतर बनाने के लिए 23 करोड़ हो रहे खर्च
उन्होंने बताया कि कालांवाली में सिंचाई के तंत्र को बेहतर बनाने के लिए 23 करोड़ रुपये खर्च कर 20 खाले बनाए जा रहे हैं। इसी तरह 92 लाख रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति की लाइन डाली रही है। इसके साथ ही 9.5 एमएलडी क्षमता के एसटीपी लगाया गया है। उन्होंने एसटीपी से निकलने वाले पानी का सिंचाई में प्रयोग करने के लिए किसानों को प्रेरित किया। गांव भंभूर व तारुआना में स्कूल को अपग्रेड करने के लिए मुख्यमंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी को तुरंत रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए। इसी तरह दो दिव्यांग व्यक्तियों दविंदर सिंह व भूरा सिंह को इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल देने के भी आदेश दिए।
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कालांवाली गांव के लोगों को दिया नगर पालिका में शामिल होने का विकल्प कालांवाली गांव के लोगों ने नगर पालिका में शामिल करने की मांग की। जिस पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को विकल्प दिया कि अगर वे सहमति देते हैं तो गांव वाले क्षेत्र में अगले पांच साल तक हाउस टैक्स की छूट मिलेगी और गांव की नवनिर्वाचित पंचायत के प्रतिनिधियों को उनके कार्यकाल तक विकास कार्यों में सहभागी रखा जाएगा।
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