सिरसा। दूध और फैट के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर किसान और पशुपालक एक बार फिर आंदोलन की तैयारी में हैं। शनिवार को शहीद भगत सिंह स्टेडियम में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि 2 नवंबर को वीटा मिल्क प्लांट में अगली बैठक कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि तब तक सरकार ने मांगों पर फैसला नहीं लिया तो वीटा प्लांट के बाहर धरना शुरू किया जाएगा।
किसान नेता प्रकाश सिंह ममेरा ने बताया कि दूध के उचित दाम की मांग को लेकर पहले वीटा प्लांट पर तीन दिन तक धरना दिया गया था। उस दौरान 15 दिन बाद यानी 17 अक्टूबर को बैठक कर आगे की रणनीति तय करने पर सहमति बनी थी। शनिवार की बैठक में दूध उत्पादकों और डेयरी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर आंदोलन को समर्थन दिया। अब 2 नवंबर तक सरकार की कार्रवाई का इंतजार किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर संघर्ष तेज किया जाएगा।
किसान नेता जसवीर सिंह भाटी ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने अब तक उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक में दूध में मिलावट पर रोक लगाने और पशुपालकों को उचित मूल्य दिलाने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने आरोप लगाया कि इन दिनों दूध का उत्पादन कम होने के बावजूद प्लांट में पर्याप्त आवक दिखाई जा रही है। उन्होंने इस मामले की जांच करवाने की मांग की। बैठक में हंसराज पचार, सोनू, सुरजीत सिंह बेगू, सोनू कंबोज, बृजलाल और रामदीप बराड़ सहित अन्य किसान व पशुपालक मौजूद रहे।