संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। कनाडा से पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाने के मामले में सोमवार को रोचक मोड़ आ गया। पुलिस ने शिकायतकर्ता दिवांश कंबोज के पिता जगदीश कंबोज को फर्जी अंकपत्र बनवाने को लेकर गिरफ्तार किया है। बेटे को विदेश भेजने के लिए पिता ने ही उसका फर्जी अंकपत्र बनाया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपी सुखचैन व खुश प्रीत को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों दो दिन के रिमांड पर हैं। मंगलवार को जगदीश कंबोज को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कनाडा और भारतीय न्याय प्रक्रिया में सजा का प्रावधान अलग-अलग है। कानून के ज्ञाताओं की माने तो पीड़ित कनाडा में मुख्य आरोपी है और भारत में वह शिकायत कर्ता है। ऐसे में कनाडा में उसे ज्यादा सजा काटनी होगी और भारी जुर्माना देना पड़ सकता है। भारतीय कानून के अनुसार वह शिकायतकर्ता होने की सूरत में कम सजा का हकदार होगा। ऐसे में कबूतरबाजी के इस खेल के नित नये पहलू सामने आ रहे हैं।
कम्प्यूटर व प्रिंटर किया जब्त
पुलिस ने जगदीश कंबोज को प्रेम नगर क्षेत्र से उसके घर के आस पास से गिरफ्तार किया है। उससे एक प्रिंटर और एक कम्प्यूटर भी जब्त किया गया है। जिससे अंकपत्र में बदलाव किए गए थे। अहम बात है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने के साथ-साथ 20 से 25 लाख रुपये तक का खर्च कर उन्होंने दिवांश को कनाड़ा भेजा था।
कोट्स
कनाडा में धोखाधड़ी के मामले में 50 हजार कनेडियन डॉलर और दो साल की सजा का प्रावधान है। अदालत जुर्माना व सजा दोनों भी कर सकती है। भारत में धोखाधड़ी के मामले में सात साल की सजा का प्रावधान है। - ज्योति बत्रा, वरिष्ठ महिला अधिवक्ता, सिरसा