मतदान केंद्र पर कमरे मे दरवाजा नहीं।
सिरसा। शत-प्रतिशत मतदान करवाने के लिए प्रशासन ने गांव शंकर मंदोरी में कई साल पुराने राजकीय कन्या मिडिल स्कूल में मतदान केंद्र बनाया है लेकिन इस जर्जर स्कूल भवन के हालात ऐसे हैं कि शिक्षक वहां बच्चों को पढ़ाने से भी गुरेज करते हैं। इससे जहां एक ओर सरकार के विकास के दावे की हकीकत बयां हो रही है वहीं, टूटी दीवारों वाले इस स्कूल में ईवीएम की सुरक्षा करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल को हर बार मतदान केंद्र बना दिया जाता है। जबकि स्कूल की हालत बेहद खस्ता है। दीवारें और खिड़कियां टूटी हैं। ऐसे में रात को यह क्षेत्र वीरान रहता है। जबकि गांव में कई अन्य बेहतर जगह उपलब्ध हैं, लेकिन वहां मतदान केंद्र बनाने की कवायद कभी नहीं की गई। इस कारण बंद पड़े स्कूल को मतदान केंद्र बनाया दिया जाता है। किसान नेता दीवान सहारण, पूर्व सरपंच दयाराम सहारण, किसान नेता संजय सहारण, पूर्व सरपंच सुरेंद्र सहारण, किसान नेता नरेंद्र सहारण, मनीष कासनियां, सुभाष, राजकुमार, मनोज सहारण, अभय सहारण, विकास आदि ने अगली बार बूथ का स्थान बदलने की मांग की है।
इनमें की जा सकती थी व्यवस्था
लाइब्रेरी
पटवार भवन
पंचायत भवन