सिरसा। रेलवे भूमि को पट्टे पर देने को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे है। व्यापारी, समाजसेवी और राजनीतिक लोग अब आने लगे है। सभी का कहना है कि सिरसा के रेलवे के विकास की भविष्य की योजनाओं पर बुरा प्रभाव पड़ने वाला है। क्योंकि रेलवे ने अपने भूमि को लंबे समय के लिए पट्टे पर दे दिया है। इसलिए सिरसा रेलवे का विकास अब रुक जाएगा।
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष आनन्द बिपानी ने कहा कि सिरसा के डबवाली रोड पर रेलवे द्वारा अपनी बेशकीमती जमीन बहुत हो कम दामों पर पट्टे पर दे दी गई है जिससे सिरसा में रेलमार्ग के विकास पर ग्रहण लगना लाजिमी है। उन्होंने जमीन पट्टे पर देने के बाद यहां पर सालों पुराने पेड़ों को काटने की प्रक्रिया शुरू हो गई जो बेहद खतरनाक है।
इससे पक्षियों और आमजन पर बुरा असर पड़ेगा। बियानी ने कहा कि रेलमार्ग के विकास के लिए सर्वप्रथम भूमि का होना जरूरी है। अगर यहां रेलवे के पास भूमि ही नहीं होगी तो न ही अतिरिक्त प्लेटफार्म बन पाएंगे ओर न ही बड़े शहरों के लिए रेलगाड़ियां शुरू होंगी। बियानी ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में सिरसा कपास, गेहूं उत्पादन में पूरे देश में अपना अलग ही स्थान रखता है, परंतु रेलमार्ग सुविधा के अभाव के कारण यह क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों में पिछड़ा हुआ है। इसको लेकर उपायुक्त को जल्द ही पत्र सौंपा जाएगा।
अन्य रेलमार्ग बनाने की कैसे पूरी होगी मांग
व्यापारी नेता ने यह भी कहा कि रेलभूमि 99 साल के पटे पर दे दी गई। ऐसे में हिसार-अग्रोहा-फतेहाबाद-सिस्सा, सिरसा डबवाली, सिरसा ऐलनाबाद रेलमार्ग बनने की मांग कैसे पूरी हो पाएगी। यहीं के लोग लम्बे समय से रेलवे वाशिंग सेंटर व रेलवे प्रशिक्षण जैसे प्रोजेक्ट रुक जाएगंगे।