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#विसराः सिरसा के सिविल अस्पताल ने छह महीने में भेजे 60 शवों के विसरा, आई केवल एक की रिपोर्ट

Tue, 03 Dec 2019 10:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा
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सिविल अस्पताल
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मौत के वास्तविक कारणों को जानने के लिए परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए भेजे जाते हैं। लेकिन छह महीने पहले स्वास्थ्य विभाग सिरसा द्वारा भेजे गए विसरों की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। बीते छह महीनों में विभाग ने जो विसरा जांच रिपोर्ट के लिए सैंपल भेजे हैं, उसमें केवल अभी तक एक की रिपोर्ट ही परिजनों को मिल पाई है।
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व्यक्ति की संदिग्ध मौत के पोस्टमार्टम के बाद स्वास्थ्य विभाग विसरा जांच के लिए हरियाणा के मधुबन की एकमात्र बनी लैब में सैंपल भेजता है। जहां से पोस्टमार्टम के बाद उसकी रिपोर्ट तैयार की जाती है कि मृतक की मौत के क्या कारण थे तथा पूरी सैंपल की रिपोर्ट भेजी जाती है। जिसके बाद करीब तीन महीने से लेकर आठ महीने के अंदर मधुबन से एक रिपोर्ट तैयार होकर पुलिस के पास आती है। पुलिस वह रिपोर्ट पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के पास लेकर जाती है तथा डॉक्टर उस रिपोर्ट की जांच करता है।

जनवरी से लेकर अब तक 500 शवों का हुआ पीएम
सिरसा सिविल अस्पताल में जनवरी माह से लेकर अभी तक 500 शवों के पोस्टमार्टम करवाए जा चुके हैं। वहीं पिछले छह महीनों में जून से लेकर अभी तक 297 पोस्टमार्टम के 60 विसरा जांच रिपोर्ट भेजे जा चुके हैं। जून माह से अभी तक के भेजे हुए विसरों में से केवल एक की ही जांच रिपोर्ट उनके घर तक पहुंच पाई है। वहीं 59 मामलों में उनके परिजनों को अभी तक विसरा रिपोर्ट का इंतजार है।
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विसरा के इंतजार में लटके रहते हैं केस
पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए जो रिपोर्ट भेजी जाती है उसके आने में लगभग तीन महीने से छह महीने तक का समय लग जाता है। जिसको लेकर परिजनों को इंतजार रहता है कि कब पोस्टमार्टम की विसरा जांच रिपोर्ट आए और कब केस का फैसला हो। क्योंकि मामले में आगे की कार्रवाई विसरा जांच रिपोर्ट पर ही आधारित होती है।

एक विसरा रिपोर्ट जांच आई निगेटीव
पिछले छह महीनों में केवल एक ही विसरा जांच की रिपोर्ट आई है। वह सिविल अस्पताल में डॉ. विकास के पास आई है। डॉ. विकास ने बताया कि उनकी जानकारी के अनुुसार यह रिपोर्ट आज से तीन महीने पहले आई थी। इस रिपोर्ट के अनुसार मरने वाले ने इसमें जहर का सेवन नहीं किया हुआ था। डॉ. विकास ने बताया कि उन्होंने यह रिपोर्ट फाइल के साथ पुलिस जांच अधिकारी को सौंप दी थी।

एक भी केस की नहीं आई रिपोर्ट
वहीं एमएस डॉ. आरके दहिया ने बताया कि उन्हें सिविल अस्पताल में तीन महीने का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक उनके द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की एक भी विसरा जांच रिपोर्ट नहीं आई है। डॉ. दहिया ने बताया कि रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है। कोई एक निर्धारित समय नहीं है कि वह रिपोर्ट कब आनी है।
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