विसरा रिपोर्ट आने में देरी की वजह से कई संदिग्ध हालात में हुई मौतों की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए पुलिस थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जिले में इस वर्ष करीब 68 विसरा जांच को लैब में भेजे गए, जिनमें से 40 से ज्यादा की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जिससे कई मामलों में पता नहीं लग पाता कि उनके सदस्य की हत्या हुई या फिर मौत की कुछ और वजह रही है।
सोनीपत में सामान्य अस्पताल व गोहाना के सामान्य अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम होता है। सुसाइड केस और संदिग्ध हालात में मौत के मामलों में विसरा जांच के लिए भेजा जाता है। जिस थाना का मामला होता है विसरा की रिपोर्ट सीधी वहां पर जाती है। अक्सर विसरा रिपोर्ट में कई-कई महीने लग जाते हैं। जिसके कारण परिवार का इंतजार लंबा हो जाता है। विसरा रिपोर्ट आने से मामले का खुलासा करने में पुुलिस को मदद मिलती है। सोनीपत से विसरा जांच रिपोर्ट मधुबन लैब के साथ ही करनाल और खानपुर महिला मेडिकल कालेज अस्पताल की लैब में भेजी जाती है।
हालांकि रिपोर्ट भेजने के बाद कई-कई माह तक उसकी रिपोर्ट का इंतजार ही रहता है। जिले मेें इस वर्ष करीब 68 विसरा रिपोर्ट जांच के लिए अलग-अलग लैब में भेजी गई, जिसमें से करीब 40 की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। विसरा में मृतक के लिवर का टुकड़ा, किडनी, तिल्ल, खाने की थैली व छोटी आंत का टुकड़ा सुरक्षित रख भेजा जाता है। पुलिस का कहना है कि वह भी चाहते हैं कि विसरा रिपोर्ट जल्दी आए। विसरा रिपोर्ट में देरी से परिवार को सच्चाई भी देरी से पता चलती है। लैब पर लोड ज्यादा होने के कारण अक्सर देरी होती है।
विसरा रिपोर्ट से हुआ था हत्या का खुलासा
सोनीपत में सेक्टर-23 के पास 14 मई, 2015 को मिले शव के मामले में विसरा रिपोर्ट जांचने के बाद हत्या का खुलासा हुआ था। उस समय सुनील निवासी बाबा कालोनी ने पुलिस को सूचना दी थी कि सेक्टर-23 के पास शव पड़ा हुआ है। पुलिस ने मामले में जांच करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में भिजवाया था। इसके साथ विसरा जांच के लिए भेजा था। मामले को शुरुआत में पुलिस हलके में ले रही थी। जिस पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
विसरा जांच को सही नहीं भेजने पर चिकित्सक पर मुकदमा
बरोदा थाना में एक चिकित्सक पर विसरा जांच के लिए भेजने में लापरवाही का मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले को लेकर बरोदा थाना प्रभारी ने शहर थाना में शिकायत दी थी कि डाक्टर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की थी उसमें हृदय का विसरा भी देने की बात कही थी। विसरा को जब पुलिस ने जांच के लिए लैब में भेजा तो वहां हृदय का विसरा नहीं मिला था। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कटिंग कर दी गई। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।
संदिग्ध अवस्था में मौत के मामले में विसरा जांच को भेजा जाता है। सोनीपत से विसरा जांच के लिए मधुबन, करनाल व खानपुर जाता है। कई मामलों में विसरा जांच रिपोर्ट मिलने में देरी से दिक्कत होती है। हालांकि कुछ समय से विसरा रिपोर्ट ऑनलाइन भेजी जानी लगी है। जिसमें महज कोड तैयार कर विसरा भेज ा जाता है। जिसके बाद रिपोर्ट पहले से जल्द मिलने लगी है।
- डॉ.रवींद्र कुमार, डीएसपी