ओढां। किसान आंदोलन के चलते सरकार द्वारा पिछले छह दिनों से इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने से लोगों के रोजमर्रा के कार्य ठप हो गए हैं। गांव घुंकावाली के ग्रामीणों ने मोबाइल टावर के कर्मचारियों का घेराव करते हुए खूब खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाधित सेवाओं को सुचारू करने की मांग की।
गांव घुंकावाली में ग्रामीणों ने सुबह ही मुनादी कर लोगों को मोबाइल टावरों के पास एकत्रित कर लिया। जब मोबाइल टावरों पर सुपरवाइजर लेखराज व टेक्निशियन सर्वजीत सिंह दोनों अपने रोजमर्रा के देखरेख कार्य हेतु पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका घेराव कर खरी-खोटी सुनाई। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण जगरूप सिंह, विक्रम सिंह, भूप सिंह, जग्गा सिंह, चेतन सिंह, हरविंदर सिंह आदि ने कहा कि पिछले 6 दिनों से मोबाइलों पर इंटरनेट सेवाएं ठप पड़ी हैं। ऐसे में उनके रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में सरकार आम लोगों को बेवजह परेशान कर रही है। न ही तो बुढ़ापा व विधवा पेंशन मिल रही है और न ही कोई ऑनलाइन कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि इस आंदोलन में आम लोगों का क्या कसूर है। उन्हें क्यों बेवजह परेशान किया जा रहा है। वहीं नेटवर्क कंपनियां लोगों को इस बंद अवधि के माध्यम से मोटा चूना लगाएगी। वहीं ग्रामीण दर्शन सिंह ने कहा कि उसके पेट का आज ऑपरेशन होना था, लेकिन इंटरनेट न चलने की वजह से पेमेंट नहीं हो पा रही। उन्होंने कहा कि उन्हें छोटे-छोटे काम के लिए दूर-दराज गांवों में जाकर परेशान होना पड़ रहा है। ऑनलाइन कार्य करने वाले बलजिंदर सिंह व भूप सिंह ने बताया कि उनके पास दिनभर काफी लोग विभिन्न कार्यां के लिए आ रहे हैं लेकिन इंटरनेट बंद होने की बात सुनकर मन मसोसकर वापस चले जाते हैं। ग्रामीणों की सुनने के बाद दोनों कर्मचारियों ने कहा कि उनका कार्य तो मरम्मत का है। उनके टावर का कॉलिंग नेटवर्क तो सुचारू है, लेकिन इंटरनेट सेवा सरकार के आदेशानुसार बंद की गई है। वे तो अपने उच्चाधिकारियों को सिर्फ अवगत करवा सकते हैं। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि अगर इंटरनेट सेवा शीघ्र ही शुरू नहीं हुई तो वे धरना प्रदर्शन करने को विवश होंगे। इस दौरान लोगों ने उपायुक्त के नाम पत्र भी भेजा।