सिरसा। भारत बंद का जिले में मिलाजुला असर देखने को मिला। जहां रोडवेज का पूरी तरह से चक्का जाम रहा। जिससे रोडवेज को लगभग छह लाख रुपये का नुकसान हुई। वहीं सफाई कर्मचारियों ने शहर में सफाई नहीं की। वहीं किसानों ने भावदीन टोल प्लाजा को तीन घंटे के लिए वाहनों के लिए टोल फ्री करवाया, तो दूसरी ओर डबवाली हाईवे पर बनी पंजुआना नहर पर किसानों ने विरोध जताकर भारत बंद का समर्थन दिया। हालांकि रेल सेवा बाधित नहीं हुई।
इसके अतिरिक्त अन्य यूनियनों ने भी भारत बंद का समर्थन किया। लेकिन सिरसा शहर और डबवाली शहर के बाजारों पर इसका कोई असर देखने को नहीं मिला। जबकि रानियां, ऐलनाबाद, चोपटा, कालांवाली में बाजार बंद कर व्यापारियों ने बंद को अपना समर्थन दिया।
बता दें कि भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के आह्वान पर शुक्रवार को भावदीन टोल प्लाजा को 12 से 3 बजे तक टोल फ्री करवाया गया। टोल पर बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। किसान नेता हिसार मंडल अध्यक्ष सिकंदर सिंह रोडी, जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बैदवाला, भावदीन के पूर्व सरपंच रघुवीर सिंह गिल आदि मौजूद रहे। पूर्व घोषणा के अनुसार किसान साढ़े 11 बजे के बाद टोल प्लाजा पर पहुंचने शुरू हो गए। दोपहर 12 बजे तक बड़ी संख्या में किसान टोल प्लाजा पर जमा हो गए। वहीं डीएसपी अजायब सिंह पुलिस टीम के साथ तैनात रहे। किसान नेता भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने किसानों से शांतिपूर्ण ढंग से धरना देने की अपील की। इतना नहीं नहीं, प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सिरसा जिले के अतिरिक्त फतेहाबाद के ग्रामीण इलाकों तथा सीमा से लगते पंजाब से भी किसान पहुंचे। तीन बजे के बाद धरना खत्म करने की किसानों ने घोषणा की और टोल कर्मियों ने टोल काटना शुरू किया।
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सुबह भी नहीं चलीं रोडवेज बसें
बता दें कि देर रात ढाई बजे से सुबह 5 बजे के बीच सिरसा बस स्टैंड से चंडीगढ़ व दिल्ली रूट पर बसें रवाना होती हैं। काफी लोग इन रूट पर जाने के लिए बस स्टैंड पहुंचे, लेकिन यहां रोडवेज कर्मचारियों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। रोडवेज यूनियन के विरोध के चलते लोग दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे और किसान एक्सप्रेस में दिल्ली के रवाना हुए। चंडीगढ़ जाने वालों के पास बसों के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं था। ऐसे में वह घर लौट गए। दोपहर को विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी टाउन पार्क में एकत्रित हुए और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। बाजारों में जाकर व्यापारियों से समर्थन की मांग की।
ऐलनाबाद में भारत बंद के दौरान पूर्ण रूप से बंद रहे बाजार
ऐलनाबाद में भारत बंद को लेकर कई संस्थाओं ने मिलकर मुख्य बाजारों में रोष प्रदर्शन किया। इनमें संयुक्त किसान मोर्चा, ईवीएम हटाओ लोकतंत्र बचाओ मोर्चा, कर्मचारी ट्रेड यूनियनस, मिड डे मील , आंगनबाड़ी और आशा वर्करों ने भारत बंद का समर्थन करने पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने सभी का समर्थन करते हुए बाजार पूरी तरह से बंद रखा। इस मौके पर परसन सिंह खोसा, सर्वजीत सिंह सिधु, सुरेंद्र सिधु, प्रोमिला प्रधान आंगनबाड़ी, अमरपाल खोसा, अमन खोसा, रोहित गर्वा, ट्रक यूनियन की प्रधान कमलेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
चोपटा में चार घंटे बंद रहीं दुकानें
नाथूसरी चोपटा में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को दुकानदारों ने भारत बंद में 4 घंटे दुकानें बंद रखकर सहयोग दिया। सरपंच एसोसिएशन नाथूसरी चोपटा व जयवीर गोदारा ने चोपटा के मेन चौक पर पहुंचकर किसानों का समर्थन किया।
रानियां में भी बंद रहा बाजार
संयुक्त किसान मोर्चा व सभी ट्रेड यूनियन का राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया गया था। इसके चलते रानियां शहर पूरी तरह से बंद रहा। सभी व्यापारियों ने बंद का समर्थन करते हुए दुकानें बंद रखी। इस राष्ट्रव्यापी बंद को हरियाणा व्यापार मंडल, टैक्सी स्टैंड यूनियन, सीड एंड पेस्टीसाइड एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, नगरपालिका सफाई कर्मचारी, लोक पंचायत सिरसा, सीपीएम सहित अन्य सामाजिक, संगठनों ने समर्थन दिया। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष जिंदा सिंह नानुआना, हैप्पी रानियां, नगरपालिका कर्मचारी संघ रानियां इकाई के प्रधान सोमपाल, टैक्सी यूनियन व ट्रक यूनियन के सदस्यों ने इकट्ठे होकर बाजार के दुकानदारों से दुकानें बंद रखने की अपील की। किसान नेताओं व कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने के दौरान टोल कर्मचारियों को किसी प्रकार की कोई असुविधा या परेशानी नहीं हुई। टोल में करीब 3 घंटे के समय में 3500 से 4000 वाहन गुजरते हैं जिससे करीब तीन या चार लाख का नुकसान होने का अनुमान है प्रदीप कुमार, मैनेजर भावदीन टोल प्लाजा