ओढां बीडीपीओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण और उपस्थित अधिकारी। संवाद
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ओढां। पानी की निकासी न होने और अवैध कब्जों से आक्रोशित ग्रामीणों ने बीडीपीओ कार्यालय पर तालाबंदी कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तालाबंदी के बाद कार्यालय के कर्मचारी करीब तीन घंटे तक अंदर बैठे रहे। सूचना के बाद नायब तहसीलदार व ओढां थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कहा कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
धरने पर बैठे गुरजंट सिंह साहु, अमरीक सिंह, कौर सिंह, मोदन सिंह, बलवीर सिंह, प्रेम कुमार, सतपाल, चमकौर सिंह, भीम, मंजीत सिंह व जसविंदर सिंह ने बताया कि ओढां में कालांवाली रोड पर सरकारी भूमि पर बारिश पानी की निकासी के लिए बने जोहड़ व बोरवेल को कुछ लोगों ने बंद कर उक्त जगह पर दुकानें व घर बनाकर अवैध कब्जे कर लिए। उन्होंने बताया कि अब वहां पानी की निकासी ठप होकर रह गई है। गौरतलब हो कि कुछ दिन पूर्व भी ग्रामीणों ने इस मुद्दे को लेकर बीडीपीओ कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन कर एसडीएम को मांग पत्र सौंपा था, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन की सूचना पाकर थाना प्रभारी कर्ण सिंह, नायब तहसीलदार अजय मलिक व बीईओ रमेश चाहर ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता तब तक वे ताला नहीं खोलेंगे। ग्रामीणों ने पंचायत अधिकारी पर कब्जाधारियों को शय देने का आरोप लगाया। ग्रामीणों की सुनने के बाद नायब तहसीलदार ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस विषय में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को वहां पर पानी की निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आईटीआई की है भूमि :-बताया जा रहा है कि जिस जगह पर अवैध कब्जे हैं वो करीब 8 एकड़ जगह है। ये जगह काफी समय पूर्व पंचायत ने आईटीआई खोलने के नाम देते हुए रजिस्ट्री भी करवा दी थी। लेकिन आईटीआई प्रशासन को पता ही नहीं कि ये भूमि उनके नाम है। बीईओ रमेश चाहर ने कहा कि इस बारे उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन वे उच्चाधिकारियों से बातचीत कर कब्जाधारियों को नोटिस भिजवाएंगे।