पशुओं में होने वाले रोगों पर नियंत्रण करने के लिए विभाग द्वारा पर्याप्त दवाइयां भेजे जाने का दम भरा जा रहा है। लेकिन ताज्जुब इस बात का है कि जिला में पिछले करीब 2 वर्षों से कृमि नाशक दवाइयों की सप्लाई ही नहीं आ रही। पशुपालक जब अस्पतालों में गोलियां लेने जाते हैं तो चिकित्सक उन्हें यह कहकर बाहर से दवाई लेने की बात कह देते हैं कि सप्लाई नहीं आई। ऐसे में लोगों को निजी तौर पर दवाइयां खरीदने को विवश होना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि जिला के 59 राजकीय पशु चिकित्सालयों में कृमि नाशक दवाओं का अभाव है। बताया जा रहा है कि विभाग द्वारा कुछ समय पूर्व भेजी गई सप्लाई में इस बार करीब 10 प्रकार की हर्बल मेडिसिन भेजी गई थी, लेकिन कृमि नाशक दवाइयां नहीं भेजी। इस बारे जब विभाग के कार्यवाहक सेंट्रल स्टोर इंचार्ज डॉ. जुबिन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि दवाइयों की सप्लाई सेंट्रल स्टोर हिसार से आती है। दवाइयों के लिए उनके पास पहले डिमांड आती है। उन्होंने माना कि पिछले काफी समय से कृमि नाशक दवाइयां नहीं आ रहीं। इससे संबंधित अन्य जानकारी तो कार्यालय में ही जाकर दी जा सकेगी।
बताया जा रहा है कि विभाग द्वारा जीवीएच केंद्रों पर प्रतिवर्ष 2 से 4 बार तक मेडिसिन सप्लाई भेजी जाती है। पशुपालकों ने विभाग से मांग करते हुए कहा कि पशु अस्पतालों में कृमि नाशक दवाइयों की सप्लाई मुहैया करवाई जाए।