शनिवार का दिन जिले के लोगों के लिए अब तक इस सर्दी का सबसे ठंडा दिन रहा। अधिकतम तापमान 9.1 डिग्री रहा तो वहीं न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह धुंध इतनी गहरी थी कि दृश्यता मात्र पांच मीटर तक की ही रही। 11 बजे के बाद धुंध तो कम होती गई पर ठंड ज्यों की त्यों बरकरार रही।
दिन भर चली सर्द हवाओं ने लोगों के हाड़ को कंपा दिया। इतना हीं नहीं दिनभर कलरव करने वाले पक्षी भी आज दोपहर में थोड़े ही समय के लिए बाहर निकले। लोग भी घरों में दुबके रहे। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी। ठंड को देखते हुए अभिभावकों ने ऐसे मौसम में अवकाश घोषित करने की मांग की है।
मौसम के जानकारों के अनुसार अगले कुछ दिन और भी मौसम यूं ही कंपकंपी बनाए रखेगा। धुंध के कारण वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई थी जिस कारण लोग अपने गंतव्य स्थानों पर देरी से पहुंचे। अधिकतर लोग ठंड से बचने के लिए घरों में दुबके रहे। डॉक्टरों ने बीमार लोगों को सावधानी रखने की सलाह दी है। बच्चों को भी ठंड से बचा कर रखने की सलाह डॉक्टरों ने लोगों को दी है।
सर्दी के कारण गर्म रहे बाजार
भले ही इस बार ठंड का आगाज देरी से हुआ पर जब हुआ है तो ठंड ने सबको कंपकंपा दिया है। पिछले दस दिनों से कड़ाके की ठंड जारी है। वहीं सर्दी की बेरुखी से निराश दुकानदारों भी अब चहक उठे हैं। क्योंकि मौसम के कारण उनके कपड़ों की बिक्री नहीं हो रही थी। शनिवार को दिन भर सूर्य के दर्शन नहीं हुए।
सड़क पर चल रहे वाहन हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से रेंगते हुए दिखाई दिए। सुरक्षा की दृष्टि से वाहन चालक एक-दूसरे के पीछे-पीछे चल रहे थे। वहीं दूसरी ओर भीषण ठंड में विभिन्न स्कूलों में जा रहे नन्हे बच्चे कंपकंपाते हुए स्कूल पहुंचे।
शहर में जगह-जगह जलाए गए अलाव
शहर में शनिवार को लोगों को ठंड से राहत दिलाने के लिए अलाव जलाए गए। वहीं मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी तीन-चार दिनों में भी ठंड ऐसी ही रहेगी। तो वहीं गणतंत्र दिवस के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की संभावना है। जिसके बाद शायद ठंड से जनता को राहत मिल सकती है।
ठंड के कारण गेहूं की फसल को खूब फायदा होगा, लेकिन दूसरी ओर टमाटर, मटर आदि सब्जियों की फसलों को नुकसान हो सकता है। अधिक ठंड के कारण पक्षी मरने लगे हैं।