संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश सरकार की ओर से एकमुश्त मार्केट फीस वसूलने का नियम लागू करने के खिलाफ बुधवार को जिले की सब्जी मंडियां बंद रहीं। पड़ोसी राज्यों व स्थानीय स्तर से सब्जी की कोई सप्लाई नहीं पहुंची। हड़ताल में जिले के 150 आढ़ती शामिल हुए। इस दौरान करीब सवा करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। सिरसा शहर के अलावा ऐलनाबाद, डबवाली, रानियां में आढ़तियों ने सब्जी मंडी बंद रखकर प्रदर्शन किया गया। पल्लेदारों व मजदूरों को काम नहीं मिल पाया।
हरियाणा फल व सब्जी आढ़ती एसोसिएशन के सचिव व जिला एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम बजाज ने बताया कि मार्केट फीस को लेकर व्यापारी पहले दिन से विरोध कर रहा है। सरकार आढ़तियों के साथ किसानों को लूट रही है। उन्होंने बताया कि एडवांस मार्केट फीस भरने के लिए किसानों पर ही दोहरी मार पड़ेगी। आज सांकेतिक हड़ताल के माध्यम से सरकार को जगाने का प्रयास किया है। इस मामले में प्रदेश यूनियन से सरकार की ओर से बातचीत की गई है और एक सप्ताह में समाधान की बात कही है। एक सप्ताह में अगर सरकार इन आदेशों को वापस लेती है तो सही है। यदि वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाकर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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जिले में रजिस्टर्ड आढ़तियों की स्थिति
सिरसा में 70 आढ़ती
ऐलनाबाद में 30 आढ़ती
कालांवाली में 10 आढ़ती
डलवाली में 30 आढ़ती
रानियां में 20 आढ़ती ।
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200 से 300 वाहन सब्जियां व फल लेकर नहीं पहुंचे
500 रेहड़ी धारक प्रभावित
800 मंडी मजदूर प्रभावित
मुख्य रूप से यहां से आती है सब्जियां व फल
शहर में स्थानीय स्तर पर नियमित रूप मटर, हरे प्याज, मूली, घीया, शलगम, पालक की सप्लाई पहुंचती है। इसके अलावा जयपुर, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, नासिक से भी सप्लाई आती है। पंजाब से सब्जियां और फल दोनाें आते हैं। हिसार मंडी से सिरसा मंडी में केला, पपीता व अन्य फलों की सप्लाई होती है।
बाजारों एक दिन पुराना स्टॉक बिका
सब्जी विक्रेता अरुण कुमार ने बताया कि मंडी में बुधवार को हड़ताल रही है। ऐेसे में सब्जियां बहुत कम आई हैं। मुख्य रूप से पुराना स्टॉक ही निकाला गया है। मूली, गाजर, मटर , पालक , हरे प्याज आदि नहीं आए हैं। स्टोर की जाने वाली सब्जी ही बेची गई है।
व्यापारी बोले- कानून के लागू होने से छोटे दुकानदारों की टूट जाएगी कमर
ऐलनाबाद। फल व सब्जी मंडी एसोसिएशन ने बुधवार को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करके सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। सब्जी मंडी के व्यापारियों ने काला कानून वापस लो और व्यापारी एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड द्वारा थोपे गए कानून का विरोध करते हुए इसे तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की।
सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम अनेजा, महेंद्र देहडू व लिखमाराम ने बताया कि सब्जी मंडी की सभी फर्में हर सप्ताह के अंत में सरकार को एचआरडीए और मार्केट फीस अदा करती है। हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड पंचकूला ने एक दिसंबर को एक आदेश पारित करके सब्जी मंडी की सभी छोटी बड़ी फार्मों को सालाना मार्केट फीस एकमुश्त अग्रिम जमा करवाने के आदेश दिए हैं। इसके तहत सब्जी मंडी में कार्यरत दुकानदारों को डेढ़ लाख रुपये मार्केट फीस प्रतिवर्ष अग्रिम रूप से एकमुश्त भुगतान करनी होगी। इस कानून के लागू होने से छोटे दुकानदारों की कमर टूट जाएगी। इस अवसर पर सब्जी मंडी एसोसिएशन के प्रधान प्रेम अनेजा, उप प्रधान महेंद्र सिंह डेलू, कोषाध्यक्ष सुशील कुमार बागड़ी, सचिव कृष्ण सिंह, सलाहकार मोहन सिंह जोसन व सुशील कुमार चलाना, सदस्य रामलाल सेठी, विजय कुमार मंगवाना, रामकुमार, चंदन कुमार अनेजा, ओमप्रकाश मंगवाना, रवि चलाना, सचिन चलाना, संतलाल सैनी, सचिन सेतिया, सोहन सिंह जोसन, भजनलाल, प्रवीण कुमार योगेंद्र कामरा, विनोद कुमार, मनीराम सैनी, विजय कुमार, गुरजंट सिंह कुलदीप पंकज सैनी व मोनू सैनी आदि उपस्थित थे। संवाद