जिले में एक दिन में तीन कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमितों में एक स्वास्थ्य विभाग का चिकित्सक और निजी लैब का चिकित्सक भी संक्रमित पाया गया है। वहीं एक संक्रमित युवक का पिता भी संक्रमित पाया गया है। जिले के चार लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। जिले में अभी 18 एक्टिव केस है तो 238 लोगों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। वहीं कुल 93 मरीजों में 75 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। विभाग ने जिले में आ रहे कोरोना संक्रमितों को लेकर संपर्क में आने वाले लोगों की जांच करनी शुरू कर दी थी, जिसमें विभाग ने करीब 200 से ज्यादा सैंपल भेजे थे। जिनमें 247 लोगों की रिपोर्ट आई थी। रिपोर्ट के अनुसार तीन संदिग्ध संक्रमित पाए गए हैं।
जिले का पहला सरकारी चिकित्सक मिला संक्रमित
जिले में पहला चिकित्सक भी संक्रमित पाया गया है, जिसने दो दिन पहले ही अपनी ड्यूटी ज्वाइन की थी और वीरवार को पहले ही दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथूसरी चोपटा में गया था। उक्त संक्रमित चिकित्सक राजस्थान के झांसल से लौटकर आया था। विभाग ने उक्त चिकित्सक को नाथूसरी चोपटा सीएचसी में तैनाती के आदेश दिए थे। उक्त चिकित्सक की राजस्थान में कोविड टीम में ड्यूटी थी, जो संदिग्धों के सैंपल लेती थी। वहीं किसी संक्रमित के संपर्क में आने से उक्त चिकित्सक भी संक्रमित हो गया है। विभाग ने नए भर्ती हुए चिकित्सकों की जांच कर सैंपल लिए थे, रिपोर्ट में वह संक्रमित पाया गया है। वहीं सीएचसी नाथूसरी चोपटा में स्टॉफ व अन्य लोगों में हड़कंप मच गया। सीएचसी को बंद कर दिया है और विभाग चिकित्सक के संपर्क में आने वालों का पता लगाने में जुट गया है। केंद्र में कार्यरत अन्य स्टाफ के सैंपल भी लिए गए हैं। संक्रमित चिकित्सक सिविल अस्पताल में अपनी हाजिरी लगाने भी पहुंचा था। वहीं शहर में एक निजी लैब का चिकित्सक भी संक्रमित पाया गया है। जिसे स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में आइसोलेट कर इलाज शुरू कर दिया है।
प्रशिक्षण करना पड़ा रद्द
जिले में नए भर्ती हुए चिकित्सकों को वीरवार से प्रशिक्षण दिया जाना था। लेकिन सुबह करीब 10 बजे आई रिपोर्ट में एक चिकित्सक संक्रमित पाया गया है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रशिक्षण बंद कर दिया। अगर उक्त चिकित्सक प्रशिक्षण में शामिल हो जाता और उसकी रिपोर्ट में देरी होती तो जिले में संक्रमण का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता था।
स्वास्थ्य विभाग ने की जल्दबाजी
विभाग ने नए आए चिकित्सकों को लेकर जल्द बाजी कर दी। जबकि विभाग ने जब सभी के सैंपल भेजे थे तो रिपोर्ट आने के बाद ही उक्त चिकित्सकों को उनके कार्य स्थान पर भेजना था। लेकिन विभाग ने चिकित्सकों को रिपोर्ट आने से पहले ही वहां भेज दिया। चोपटा में गए चिकित्सक के संपर्क में पता नहीं कितने कर्मचारी और अन्य लोग आए होंगे। यही गलती सामाजिक संक्रमण फैलने का कारण भी बन सकती है।
संक्रमित एजेंट के पिता भी पॉजिटिव
रानियां शहर के वार्ड नंबर 4 में टेलिकॉम कंपनी के एजेंट के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनके पिता की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ. नरेश सहारण ने बताया कि रानियां के वार्ड नंबर 4 के मनीष कुमार जोकि एक टेलिकॉम में एजेंट के तौर पर काम करता है। वह कंपनी में काम करने वाले अन्य लोगों के संपर्क में आने से पॉजिटिव हुआ है, इसके उपरांत उसके संपर्क में आए पिता के सैंपल जांच के लिए भेज दिए, जिसमें वह संक्रमित पाया गया है। संपर्क में आए लोगों की जानकारी ली जा रही है।
नए चिकित्सकों के भी लिए सैंपल
जिले में 35 नए चिकित्सकों में से एक संक्रमित पाया गया है। जिस कारण स्वास्थ्य विभाग ने बाकी बचे 34 अन्य चिकित्सकों के भी सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट मिलने के बाद ही इन चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिले में तीन कोरोना संक्रमित आए हैं। जिसमें एक सरकारी विभाग का चिकित्सक है तो दूसरा निजी लैब का चिकित्सक। शहर की एक लैब का चिकित्सक भी संक्रमित पाया गया है। वहीं चार मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
-डॉ. सुरेंद्र नैन, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग।