संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव गिंदड़खेडा में जीव हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ के नया गांव के रहने वाले हैं। इनकी पहचान आरफ अली व ईमदाद के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में अहपरण, दुष्कर्म, चोरी, लूट व वन्य जीव हत्या के मामले दर्ज हैं। ये जीवों को हलाल कर बाइक पर बैगों में डालकर कच्चे रास्ते से राजस्थान लेकर जाते थे। यहां पर अपने परिजनों व रिश्तेदारों को मांस यानी मीट बेचते थे। आरोपी बंद रजवाहे और नहर के आधार पर रैकी करते थे, फिर टॉर्च की रोशनी में अवैध हथियार से पशुओं को मारते थे।
डबवाली के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि 30 नवंबर को गांव गंगा व गिंदड़खेड़ा के खेतों में नील गाय व नंदी के अवशेष मिलने पर गुरजिंद्र सिंह ने डबवाली थाना सदर में शिकायत दर्ज करवाई थी। गुरजिंद्र सिंह ने बताया था कि 30 नवंबर को वह सुबह-सुबह अपने पिता के साथ खेत में गेहूं देखने के लिए गया था। उन्होंने देखा कि उनके खेत में नील गाय और नंदी के मांस के टुकड़े जगह-जगह बिखरे पड़े हैं। शिकायत मिलने पर पुलिस ने हरियाणा गोसेवा संरक्षण एक्ट व गोसंवर्धन एक्ट के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इस मामले की जांच के लिए डबवाली की सीआईए, कालांवाली व एंटी नारकोटिक्स सेल सहित छह टीमों का गठन किया गया। टीमों ने जांच करते हुए दो आरोपियों को सोमवार सुबह हनुमानगढ़ से बाइक सहित काबू किया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। दोनों को रिमांड पर लेकर अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
दोनों आरोपी अनपढ़, जगह चिह्नित कर वारदात को देते थे अंजाम
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपी अनपढ़ हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांव कीकरांवाली व नवा गांव के साथ हरियाणा की बॉर्डर में वारदात को अंजाम देते थे। उन्होंने बताया कि सीमा के साथ लगते गांवों के नीलगाय और बेसहारा पशु बड़े स्तर पर पाए जाते हैं। वे इस बात का खास ध्यान रखते थे कि क्षेत्र में रजवाहे या नहर में पानी न चलता हो। जब नहर और रजवाहे में पानी नहीं होगा, तो खेतों में किसान नहीं मिलते। वे इन जगह को चिह्नित करते थे। उन्होंने बताया कि जब वन्य जीव या पशु की आंखों में बैटरी की रोशनी मारते थे, तो पशु स्थिर हो जाता था। इतने में दूसरा व्यक्ति .12 बोर गन से फायर कर पशु को मार गिराता था। इसके बाद वे दोनों पशु को हलाल करते थे। वे मीट निकालकर बाइक के साथ बांधे बैगों में भर लेते थे।
पकड़े जाने के डर से कच्च रास्तों को करते थे इस्तेमाल
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि पशुओं का मांस बैगों में भरने के बाद वे मुख्य रोड से नहीं जाते थे। यहां पर पकड़े जाने का खतरा ज्यादा रहता था। ऐसे में वे कच्चे रास्तों का इस्तेमाल करते थे। गांव पहुंचकर दोनों मीट को वजन के अनुसार बांट लेते थे। इसके बाद अपने परिवार और रिश्तेदारों को 1-1 व 2- 2 किलो के हिसाब से बेच देते थे। मीट बेचने से प्राप्त राशि से वे परिवार का खर्चा चलाते थे।
आरोपी पर दर्ज हैं ये मामले आरोपी आरफ अली व ईमदाद पर रानियां व राजस्थान के टिब्बी में चोरी के मामले, हनुमानगढ़ में लूट व अपहरण का मामले, राजस्थान के गोलूवाला में चोरी, सूरतगढ़ व संगरिया में चोरी व लूट के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा आरफ अली पर रानियां में एससी एक्ट, दुष्कर्म व अपहरण का मामला भी दर्ज है।
जीवों काे विधिवत ग्रामीणों ने दी मिट्टी, धरना समाप्त
सिरसा। गांव गिंदड़खेड़ा में छह गांवों व बिश्नोई जीव रक्षा संस्था के सदस्यों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को धरना समाप्त कर दिया। डी-फ्रिज से नीलगाय और नंदी के अवशेष निकालकर उनको मिट्टी दी गई। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने आरोपियों को पकड़ लिया है और आश्वासन दिया कि उनके साथियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जीव हत्या जैसे मामले दोबारा न आए, इसके लिए विशेष टीम निगरानी करेगी। संवाद