जागरुकता के अभाव में एक और ग्रामीण के साथ टाटा सफारी का लालच देकर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। वारदात ओढां क्षेत्र के गांव जलालआना में एक व्यक्ति के साथ हुई है, जहां ठगों के झांसे में आए व्यक्ति ने टाटा सफारी के लालच में अपनी मेहनत मजदूरी की कमाई के साथ साथ अपनी कार भी गवां दी, लेकिन उसके हाथ पछतावे के कुछ नहीं लगा।
उक्त व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते हुए ठगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जलालआना निवासी जग्गा सिंह नामक व्यक्ति ने टीवी पर चल रही एक चेहरा बताओ इनाम पाओ प्रतियोगिता देखी, जिसमें फिल्म स्टार सोनाक्षी सिन्हा का चेहरा दिखाकर उसकी पहचान करने को कहा गया। जिस पर जग्गा सिंह ने तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर चेहरे की पहचान बता दी।
इसके बाद उसके पास तीन दिन बाद फोन आया कि जिसने यह कहते हुए जग्गा सिंह को बधाई दी कि आप बड़े भाग्यशाली हैं, आप हमारे पहले विजेता हैं, आपके इनाम में टाटा सफारी निकली है। ये सुनते ही जग्गा सिंह की खुशी का ठिकाना न रहा। फिर दो दिन बाद फोन आया कि आप वहां आकर गाड़ी ले जाएंगे या फिर गाड़ी की कीमत 12 लाख 60 हजार रुपये नकद लेना पसंद करेंगे।
जग्गा सिंह ने नकदी मांगी तो आगे से जवाब मिला कि वे उनके खाते में टैक्स खर्चे के तौर पर 8500 रुपये डलवा दें। चमचमाती गाड़ी के सपनों में खोए जग्गा सिंह ने रात बड़ी मुश्किल से गुजारी और सुबह होते ही उसने जैसे तैसे 8500 रुपये उनके बताए खाते में डलवा दिए। उसके एक दिन बाद फिर फोन आया कि इधर टैक्स बढ़ गया है, आप 26 हजार रुपये और जमा करवाएं।
जग्गा सिंह ने इधर-उधर से जुगाड़ कर 26 हजार रुपये ठगों के खाते में डलवा दिए। उसके बाद दूर बैठे ठगों के फोन आते रहे और जग्गा सिंह उसमें फंसता चला गया। जब उसने 60 हजार रुपये गवां दिए तो वह पीछे हट गया, परंतु घरवालों ने कहा कि जब इतने पैसे दे दिए तो कुछ और सही, आखिर 12 लाख 60 हजार का मामला है। इस प्रकार जग्गा सिंह अपने घर की कीमती चीजें बेचकर उनकी मांग पूरी करता रहा।
जब जग्गा सिंह के पास कुछ न बचा तो उसने अपनी इंडिका कार भी ये सोचकर बेच दी कि अब तो बड़ी गाड़ी आने वाली है। जब तक कि वह होश में आता तब तक वह इस क्रम में एक लाख 80 हजार रुपये ठगों की भेंट चढ़ा चुका था।
इन्हें भी महंगा पड़ा था सफारी का लालच
गांव टप्पी निवासी किसान जगजीत सिंह ने इसी प्रतियोगिता में फंसकर टाटा सफारी के चक्कर में एक लाख 15 हजार 800 रुपये, माधो सिंघाना के किसान राजेंद्र कुमार ने दो लाख रुपये और फतेहाबाद में पुलिस के एक जवान ने 50 हजार रुपये की चपत खाई है।
हालांकि ये वो शख्स हैं जिन्होंने सामने आने की हिम्मत दिखा दी वर्ना ज्यादातर लोग तो इस प्रकार की ठगी हो जाने के बाद ये सोचकर चुप्पी साध लेते हैं कि नुकसान तो हो ही गया अब लोगों के सामने खुद को हंसी का पात्र क्यों बनाया जाए।
कार्रवाई तो करेंगे ही
देखिए इस मामले में सबसे पहले तो स्वयं को जागरूक होना आवश्यक है और दूसरा कई बार लालच भी इसमें आड़े आ जाता है। इस संबंध में हमारे पास शिकायत आती है तो हम कार्रवाई करते हैं। सबसे बेहतर तो यही है कि खुद जागरूक हों और दूसरों को भी जागरूक करें।
- धर्मबीर सिंह, सिटी डीएसपी, सिरसा