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लूट निकली फर्जी, एनआरआई ने खाया सल्फास

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चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के पास मंगलवार को 8.60 लाख रुपये की लूट का आरोप लगाने वाले एनआरआई का शव बुधवार को डबवाली बाईपास स्थित देवीलाल पार्क में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पुलिस लूट के मामले को पूरी तरह फर्जी बता रही है। पुलिस का कहना है कि एनआरआई ने पूछताछ में लूट फर्जी होने की बात कबूल भी की थी। शायद अपना झूठ पकड़े जाने की वजह से एनआरआई ने खुद ही सल्फास निगल लिया हो।
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 परिजनों ने भी किसी पर शक नहीं जताया है। पुलिस ने मृतक के छोटे भाई नटार के सरपंच रणजीत सिंह के बयान पर एनआरआई की मौत को इत्तफाकिया बताकर 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि एनआरआई ठेके की जमीन का हिसाब-किताब नहीं देना चाहता था, इस वजह से उसने यह लूट का ड्रामा रचा।

बुधवार दोपहर करीब दो बजे हुडा चौकी पुलिस को सूचना मिली कि देवीलाल पार्क में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। चौकी प्रभारी राजकुमार मौके पर पहुंचे तो शव लूट का आरोप लगाने वाला अमेरिका के एनआरआई मुख्तयार सिंह का निकला। मुख्तयार का शव पेड़ ने नीचे पड़ा था। पास में सल्फास की गोलियों का पाउडर, माचिस व जली हुई बीड़ी पड़ी थी। शव के पास कोई सुसाइड नोट नहीं था।
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एचएचओ मौजी राम व मृतक के छोटे भाई रणजीत सिंह ने बताया कि सल्फास की गोलियां खाकर मुख्तयार सिंह ने सुसाइड किया है। सीआईए प्रभारी प्रदीप ने परिवार वालों से पूछा कि मुख्तयार बीड़ी पीता था क्या? परिवार वालों ने कहा वह बीड़ी सिगरेट को छूता तक नहीं था।

कोई लूटपाट नहीं हुई : एसएचओ
शहर थाना प्रभारी मौजीराम ने बताया कि एनआरआई मुख्तयार सिंह के बयान पर मंगलवार को पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान मुख्तयार सिंह ने कबूल किया कि उसने लूट का ड्रामा रचा था ताकि परिवार वालों को रुपयों का ब्यौरा नहीं देना पड़े। मुख्तयार सिंह तीन लाख रुपये अपने दोस्त सुनील को देकर आया था। एसएचओ के अनुसार घरवालों से रुपयों का सच छुपाने के लिए लूटपाट का ड्रामा रचा गया। मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

रात 12 बजे तक की थी पूछताछ
मुख्तयार सिंह के छोटे भाई रणजीत ने बताया कि वे रात 12 बजे तक हुडा पुलिस चौकी में थे। पुलिस वालों ने मुख्तयार और परिवार वालों से काफी पूछताछ की। पुलिस वालों ने मुख्तयार को रात को पुलिस चौकी में खाना खिलाया। इसके बाद वह अपने भाई के साथ हुडा कॉलानी स्थित घर में आकर सो गया।

 घर जाकर उसने भाई मुख्तयार सिंह से बातचीत की लेकिन उसकी बातों से नहीं लगा कि लूट की वारदात ड्रामा है। सुबह 5 बजकर 45 मिनट पर रणजीत उठा और अपने भाई को सोता छोड़ गांव नटार चला गया। रणजीत ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह लूट सच्ची थी या झूठी।
 
सुबह सात बजे घर से निकला था मुख्तयार
मुख्तयार सिंह बुधवार सुबह करीब सात बजे घर से बाहर चला गया। पुलिस ने मुख्तयार को पुलिस चौकी बुलाया था, लेकिन वह वहां पहुंचा नहीं। इस पर 10-15 बाइकोें पर सवार परिवार वाले शहर भर में मुख्तयार को तलाशते रहे।

मौत से पहले मां-मां पुकारता रहा मुख्तयार
पार्क में मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी महिला के अनुसार मुख्तयार जमीन पर लेटा मां-मां बोल रहा था। काफी तड़पने के बाद उसकी आवाज आना बंद हो गई।

तीन दिन पूर्व अमेरिका से लौटी पत्नी
एनआरआई मुख्तयार सिंह करीब दो साल पूर्व अमेरिका से स्वदेश लौट आया था। उसकी पत्नी बलवीर कौर अपने बेटे सरनजीत व कर्मजीत सिंह के साथ अमेरिका में रह रही थी। तीन दिन पूर्व ही वह अमेरिका से लौटी और मीरपुर में रहने वाली अपने बहन हरजवंत कौर से मिलने चली गई।
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